AIPMT: परीक्षा केंद्र पर कड़ा और कृपाण उतरवाने पर हंगामा
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ऑल इंडिया प्री-मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए सर्वोदय नगर स्थित रानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल स्कूल में शनिवार को उस समय जमकर हंगामा हुआ जब गेट पर एक अभ्यर्थी से कड़ा और कृपाण उतारने को कहा गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए विद्यालय प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों का सामान गेट पर रखवा लिया।
धर्म विशेष की एक परीक्षार्थी ने कड़ा और कृपाण उतारने से मना कर दिया। इसको लेकर विद्यालय प्रशासन से उसकी काफी कहासुनी हो गई। परीक्षार्थी के अभिभावकों ने इस पर जमकर हंगामा कर दिया। अभिभावकों ने विद्यालय के खिलाफ गाजीपुर थाने में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई है।
तीन मई को हुई एआईपीएमटी में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा दोबारा कराने का आदेश दिया था। शनिवार को सीबीएसई ने परीक्षा का आयोजन किया। परीक्षा में गड़बड़ी न हो इसलिए सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था का कड़ाई से पालन करने के लिए कहा था।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइड लाइन में प्रवेश पत्र को छोड़कर परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र के अंदर कुछ भी ले जाने से मना किया गया था। घड़ी या किसी प्रकार की धातु ले जाने की भी मनाही थी। परीक्षार्थियों को जूते के बजाय चप्पल पहनकर जाना था। ऐसे में केंद्र पर परीक्षार्थियों की अंगूठी, घड़ी, इयर रिंग्स भी उतरवाए जा रहे थे।
आरएलबी की सर्वोदय नगर शाखा पर रायबरेली निवासी मनमीत कौर परीक्षा देने पहुंचीं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देकर गार्ड व टीचर्स ने परीक्षार्थी को कड़ा और कृपाण उतारने के लिए कहा।
अभिभावकों के साथ अन्य लोगों ने भी किया बवाल
धार्मिक आस्था की बात कहते हुए परीक्षार्थी ने दोनों चीजें उतारने से मना कर दिया। मामला बढ़ने पर परीक्षार्थी के अभिभावकों ने भी गेट पर हंगामा शुरू कर दिया। थोड़ी ही देर में समुदाय के अन्य लोग भी वहां पर इकट्ठा होने लगे।
मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। कड़ा और कृपाण उतारने के बाद ही परीक्षार्थी को अंदर जाने दिया गया। बाद में परीक्षार्थी के पिता गुरुबख्श सिंह ने गाजीपुर थाने में तहरीर देकर स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
उनके अनुसार किसी की धार्मिक भावनाओं को इस तरह से ठेस नहीं पहुंचाई जा सकती। उनका कहना है कि कड़ा और कृपाण उतरवाने की वजह से हमारी धार्मिक भावना को ठेस पहुंची है। इसलिए विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
रानी लक्ष्मीबाई मेमोरियल स्कूल सर्वोदय नगर की प्रिंसिपल माया जोशी का कहना है कि हमारा मकसद किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने परीक्षा के दौरान हिजाब तक उतारने के निर्देश दे रखे हैं। किसी प्रकार की धातु भी अंदर ले जाने की इजाजत नहीं थी। ऐसे में कड़ा और कृपाण उतरवाना हमारी मजबूरी थी।
सीबीएसई के सिटी कोऑर्डिनेटर डॉ. जावेद आलम कहते हैं कि परीक्षा में सख्ती का मतलब किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं होना चाहिए। धार्मिक आस्था से जुड़ी चीजों को जांच के बाद अंदर ले जाने देने में कोई हर्ज नहीं है। अगर सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब पर रोक लगाई है तो आरएलबी द्वारा कड़ा और कृपाण पर रोक लगाना भी गलत नहीं है।