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दाखिला दिया, पैसा दिया, अब नाम गायब

Wed, 14 Oct 2015 01:06 PM IST
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 14 Oct 2015 01:06 PM IST
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RTE forgery in dehradun school.

शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत हुए दाखिलों में जमकर हेराफेरी सामने आ रही है।

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उत्तराखंड शिक्षा विभाग ने 2011-12 की आरटीई एडमीशन की पूरी सूची अपडेट कर दी है। तमाम स्कूलों से बच्चों के नाम गायब हो गए हैं। यह वही बच्चे हैं, जिनके नाम पर सरकार ने आरटीई का शुल्क स्कूलों को दिया था। खास बात यह है कि सूची में अब नए नाम जोड़ दिए हैं।

देहरादून में आरटीई के तहत विभिन्न स्कूलों में दाखिले के नाम पर बड़ा खेल खेला गया। अमर उजाला के पास पुरानी और नई सूचियां हैं। इनमें तुलना करने पर हैरानी भरी बातें सामने आई हैं। 13 स्कूलों में दाखिले की सूची की तुलना की गई तो 38 बच्चों के नाम गायब मिले, जबकि छह नए नाम जोड़ दिये गए।
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शिक्षा विभाग ने सभी गायब 38 बच्चों को आरटीई का शुल्क अदा किया है। आरटीई प्रभारी तृप्ता शर्मा ने बताया कि तमाम स्कूलों में जांच करने के बाद जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उसके हिसाब से सूची बनाई जा रही है। सवाल उठ रहा है कि शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों की नाक के नीचे कैसे नियमों की धज्जियां उड़ गई और इस पर अब तक कोई भी आला अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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किस स्कूल से कितने छात्र गायब
स्कूल का नाम - सूची से हटाए गए छात्रों की संख्या
द कैंब्रिज स्कूल, खुड़बुड़ा - 9
स्टारलैंड इंटर कालेज - 1
स्वामी रामतीर्थ जूनियर हाईस्कूल - 1
दशमेश एकेडमी, रीठा मंडी - 3 (1 नया जोड़ा)
साहिल मेमोरियल दयानंद जूनियर हाईस्कूल - 6
दून सरला एकेडमी - 3
न्यू विसडम स्कूल, चंदर रोड - 3
दून इंटरनेशनल स्कूल - 1
स्कॉलर्स होम स्कूल, जाखन - 3
स्वामी विवेकानंद स्कूल - 1
स्नेहा दून एकेडमी - 5 (5 नए नाम जोड़े)
द्वीप चिल्ड्रन एकेडमी - 1
एनडेल पब्लिक स्कूल - 1 नया जोड़ा

मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। हो सकता है कुछ छात्र छोड़कर चले गए हों। इसकी जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही देखा जाएगा कि आगे क्या होना है।
- इंद्रमनी बलोदी, नगर शिक्षा अधिकारी

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