फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   rohtak college expels 13 kashmiri students

रोहतक: 13 कश्मीरी छात्रों को कॉलेज से निकाला

Fri, 17 Apr 2015 02:56 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, रोहतक
टीम डिजिटल/अमर उजाला, रोहतक Updated Fri, 17 Apr 2015 02:56 PM IST
विज्ञापन
rohtak college expels 13 kashmiri students

वार्षिक परीक्षाओं से मात्र एक महीना पहले रोहतक में पढ़ रहे 13 कश्मीरी छात्रों को कॉलेज से निकाल दिया गया है। ये छात्र रोहतक में रोहतक इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में पढ़ रहे थे। इन्हें कॉलेज में प्रधानमंत्री स्पेशल स्कॉलरशिप स्कीम के तहत दाखिला मिला था। कॉलेज प्रबंधन की ओर से उक्त कार्रवाई स्कीम के तहत मिलने वाली ग्रांट के न मिलने के कारण की।

विज्ञापन


उधर, निकाले गए कश्मीरी छात्रों में से एक छात्र सौफी ने बताया कि कॉलेज प्रबंधन की ओर से 2013 में दाखिले के समय प्रधानमंत्री स्पेशल स्कॉलरशिप स्कीम के तहत फुलटाइम स्कॉलशिप देने का वायदा किया था। अभी तक हमारे केवल दो समेस्टर ही कंप्लीट हुए हैं और प्रबंधन ने हमें निकाल दिया। साथ ही, मैनेजमेंट ने हमें ये भी कहा है कि अगर हमें पढ़ाई जारी रखनी है तो आगे की फीस खुद देनी होगी।
विज्ञापन



सौफी ने आगे कहा कि वे सभी इस स्कॉलरशिप के हकदार भी हैं। स्कॉलरशिप के लिए 12वीं कक्षा (फिजिक्स, केमेस्ट्री और मैथेमेटिक्स) में 50 फीसदी अंक होना जरूरी था, हमारे तो उक्त विषयों में 60 फीसदी से ज्यादा अंक थे। निकाले गए छात्रों में एक छात्र तौसीफ अहमद के तो 68 फीसदी अंक हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


वह छात्रवृति केवल जम्मू कश्मीर के छात्रों के लिए ही थी, जिनमें उनके टयूशन फीस, हॉस्टल फीस, किताबों का खर्चा और छात्रों से अन्य आकस्मिक खर्चे शामिल होते हैं। जो छात्र 12वीं या समकक्ष परीक्षा में स्कॉलशिप के लिए हकदार होते हैं, वो जम्मू कश्मीर के बाहर किसी भी मान्यता प्राप्त कॉलेज में दाखिला ले सकते हैं।

कहां से मैनेजमेंट की फीस की मांग को पूरा करें

rohtak college expels 13 kashmiri students

निकाले गए छात्रों में से जहूर अहमद मीर ने बताया कि बीते 10 मार्च को कॉलेज ने उन्हें हॉस्टल से निकाल दिया था, तो सभी 13 छात्रों ने रहने के लिए रोहतक के प्रेम नगर में तीन कमरे किराये पर दे लिए थे। कश्मीर में हमारा मकान दो बार बाढ़ का दंश झेल चुका है। हम कहां से मैनेजमेंट की फीस की मांग को पूरा करें।

शिक्षा के अधिकार के तहत जब इस बारे में मोहम्मद अशरफ से बात की तो उन्होंने बताया कि हां, छात्रों ने उन्हें बताया है कि उन्हें कॉलेज से निकाल दिया गया है। मैं उन्हें कॉलेज में वापस दाखिले के लिए हरसंभव कोशिश करूंगा।

ये है मामला : 2013 में जम्मू-कश्मीर के 23 छात्रों ने रोहतक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट में दाखिला लिया था। केंद्र से आए पत्र में इन 13 छात्रों के नाम के सामने बजट कम होने का कारण लिख दिया गया। नासिर सोफी, तोसिफ अहमद लोन, इरफान अहमद, मोहम्मद आसिफ भट्ट, ओवेस मकबूल, पीरजादा आमिर, जावेद अहमद, शाह नवाज रसीद, जहूर अहमद मीर, सुहैल अहमद, तारीक अब्दुल्ला, उबैद बशीर और इशफाक अहमद डार का नाम काट दिया गया।

उधर, कॉलेज के डायरेक्टर डॉ. किशोर चावला ने माना कि कश्मीरी छात्रों को कॉलेज से निकाला गया है, क्योंकि उन्हें प्रधानमंत्री स्पेशल स्कॉलरशिप स्कीम के तहत मानव संसाधन मंत्रालय से ग्रांट नहीं मिली। हमारा कॉलेज सेल्फ फाइंनासड है।

वर्जन
'जम्मू-कश्मीर मूल के 13 स्टूडेंट्स कॉलेज से निकाले जाने के मामले में मिलने आए थे। यह मामला प्रधानमंत्री विशेष छात्रवृत्ति योजना का है। रोहतक इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट से इस बारे में बात की जाएगी कि वे जम्मू-कश्मीर मूल के बच्चों के लिए नरम रवैया अपनाए। वैसे दो साल से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई है। बजट का कारण दिया गया है।'
- प्रो. इंदिरा ढुल, डीन, कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल, रोहतक।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed