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राजनीति से ‘गंदगी’ साफ करेगा राइट टू रिजेक्ट

Sun, 29 Sep 2013 03:14 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 29 Sep 2013 03:14 PM IST
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right to reject act

मतदाताओं को राइट टू रिजेक्ट अधिकार का युवाओं ने स्वागत किया है। युवाओं का तर्क है कि राजनीति से गंदगी को खत्म करने के लिए यह पहल आवश्यक है। राजधानी दून में युवाओं ने राइट टू रिजेक्ट पर कुछ इस तरह से बयां की अपनी अभिव्यक्ति।

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बोले छात्र
वोटर को यह अधिकार होना चाहिए कि वह योग्य या अयोग्य प्रत्याशी का चयन कर सके। उच्चतम न्यायालय का यह फैसला अत्यंत सुखद है और इसके दूरगामी परिणाम बेहतर होंगे।
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- अनिल तोमर, छात्र नेता

जितनी तेजी से नेताओं का रुख भ्रष्टाचार की ओर ज्यादा और जनता की ओर कम हो रहा है, उस नाते सुप्रीम कोर्ट का यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। हम इसकी सराहना करते हैं।
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- विकास नेगी, छात्र नेता

यह फैसला सरकार को पहले ही कर लेना चाहिए था। जिस वोटर के दम पर नेता आगे बढ़ते हैं, उसी को उन्हें पद से हटाने या अयोग्य करार देने का अधिकार मिलना चाहिए।

- नितिन जोशी, छात्र नेता

उच्चतम न्यायालय का राइट टू रिजेक्ट का कदम सराहनीय है। नेताओं का रुख तेजी से भ्रष्टाचार की ओर बढ़ रहा है। चुनाव में बेलगाम खर्च पर भी सख्त कदम उठाया जाना चाहिए।
- प्रभाकर, छात्र नेता

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