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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती प्रक्रिया में धांधली

Fri, 10 Jul 2015 12:51 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 10 Jul 2015 12:51 AM IST
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rigged in for assistant professor hiring process in kurukshetra university

हरियाणा सरकार ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय चयन समिति की ओर से लिए गए हिंदी के असिस्टेंट प्रोफेसर पद के साक्षात्कार में अनियमितता की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।

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यह समिति सितंबर, 2012 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कुलपति डॉ. डीडीएस संधु के नेतृत्व में बनी थी। इसमें चयनित उम्मीदवार को 20 में से 22 अंक दिए गए हैं।
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सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि डॉ. अजायब सिंह की शिकायत पर राज्य चौकसी ब्यूरो को जांच करने को कहा गया है। शिकायतकर्ता इस पद के लिए उम्मीदवार था और उसने विश्वविद्यालय की ओर से लिए गए साक्षात्कार में शामिल था। साक्षात्कार के लिए विश्वविद्यालय की चयन समिति के समक्ष कुल 151 उम्मीदवार उपस्थित हुए थे। इनमें से डॉ. वंदना शर्मा का चयन किया गया।
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प्रवक्ता ने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मिली जानकारी के आधार पर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अप्रैल, 2011 में हिन्दी के असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए विज्ञापन दिया गया था। इसके लिए सितंबर, 2012 में साक्षात्कार हुआ, जिसमें डॉ. वंदना शर्मा का गैरकानूनी एवं अनुचित ढंग से चयन किया गया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि चयनित उम्मीदवार डॉ. वंदना शर्मा ने ‘शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन’ के ऑब्जेक्टिव मापदंड में कुल 50 अंकों में से केवल 22 अंक प्राप्त किए, लेकिन विषय ज्ञान, जोकि शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन से संबंधित है, उसमें उन्हें 25 में से सर्वाधिक 18 अंक दिए गए। इसके अलावा उन्हें साक्षात्कार में 20 में से 22 अंक दिए गए, जोकि  समझ से बाहर है।


उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन के ऑब्जेक्टिव मापदंड में कुल 50 अंकों में से सर्वाधिक 36 अंक हासिल करने के बावजूद उन्हें ‘विषय ज्ञान’ में 25 में से केवल 11 अंक दिए गए।

शिकायतकर्ता ने कहा कि उसे 100 अंकों में से कुल 65 अंक मिले, जबकि डॉ. वंदना शर्मा का चयन इसलिए हुआ क्योंकि उसे 100 अंकों में से 67 अंक दिए गए थे। उसे यह कुल अंक साक्षात्कार में 20 में से 22 अंक दिए जाने के कारण प्राप्त हुए।


वंदना शर्मा का चयन करने पर आमादा थे

प्रवक्ता ने बताया कि विश्वविद्यालय के चयन मानदंडों के अनुसार कुल 100 अंकों में से 50 अंक शैक्षणिक रिकॉर्ड एवं अनुसंधान प्रदर्शन के लिए जबकि 30 अंक विषय ज्ञान एवं अध्ययन कौशल और 20 अंक साक्षात्कार के लिए निर्धारित किए गए थे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि साक्षात्कार में चयनित उम्मीदवार को एवं उसे दिए गए अंकों का अंतर यह सिद्घ करता है कि चयन समिति के सदस्य हर कीमत पर डॉ. वंदना शर्मा का चयन करने पर आमादा थे।

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