भारतीय सेना में सेलेक्ट हुए तो एक लाख का चैक
सेना के रिटायर्ड अफसरों की रिहायश के रूप में पहचान बना चुके चंडीगढ़ के युवाओं ने अब फौज में अफसर बनने से मुंह फेर लिया है। यहां के युवा आईएएस, डाक्टर, इंजीनियर और माडलिंग में तो हाथ आजमा रहे हैं, लेकिन वे फौज में अफसर नहीं बनना चाहते।
पिछले छह सालों में नेशनल डिफेंस एकेडमियों में चंडीगढ़ से नाम मात्र युवाओं ने ही एडमिशन लिया है। चंडीगढ़ के जिला सैनिक वेलफेयर आफिस व डिस्ट्रिक एडमिनिस्ट्रेशन ने भी इस पर चिंता जताई है। युवाओं को सेना के प्रति आकर्षित करने के लिए सैनिक बोर्ड ने अब अपना खजाना खोल दिया है।
अब मिलेंगे एक लाख रुपये
युवाओं को आकर्षित करने के लिए सैनिक बोर्ड व जिला प्रशासन ने फैसला लिया है कि यदि कोई युवक एनडीए में सलेक्ट होता है तो उसके परिवार को पुरस्कार के तौर पर एक लाख रुपया दिया जाएगा।
पंजाब सरकार भी एनडीए में सलेक्ट होने वाले युवाओं को एक लाख रुपया देती है। इससे फिलहाल पंजाब में अवेयनेस तो बढ़ी है, अब देखना होगा कि क्या चंडीगढ़ में भी युवा आकर्षित होते या फिर नहीं।
सिर्फ चार युवा हुए थे सलेक्ट
जिला सैनिक वेलफेयर आफिस के मुताबिक हाल के सालों में चंडीगढ़ से कितने युवा सेना में अफसर बने हैं, इसका कोई पुख्ता डाटा तो नहीं है, लेकिन साल 2008-09 में एक सर्वे के मुताबिक एनडीए की सभी एकेडमियों में उस दौरान सिर्फ चार ही युवा अफसर बने थे। उसके बाद के सालों में भी कोई परिवर्तन नहीं आया है। पिछले आठ से सात सालों से फिलहाल यही स्थिति बनी हुई है।
छठे पे-स्केल के बेहतर हुई सैलरी
सेना से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि पहले सैलरी तो अच्छी नहीं थी, लेकिन छठे पे-स्केल के बाद से सैलरी में काफी इजाफा हुआ है। अलग-अलग जगहों के लिए इन्सेंटिव भी काफी बढ़ा है।
सियाचिन में तैनात होने वाले अफसरों को सैलरी व अन्य बेनीफिट के अलावा 12-15 हजार रुपये का अलग से इन्सेंटिव मिलता है। वैसे एक कमिशंड आफिसर की सीटीसी करीब 80-एक लाख रुपये तक होती है।