विवि ने रोका रिजल्ट, छात्रों ने किया हंगामा
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जिससे जिले में बीबीडीआईटी के सिविल, मैकेनिकल और ईईई, जबकि आरकेजीआईटी में सिविल ब्रांच बीटेक फर्स्ट सेमेस्टर के छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। विरोध में बीबीडीआईटी के छात्रों ने जमकर हंगामा करते हुए प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की।
आरकेजीआईटी में करियर की चिंता में डूबे सिविल के छात्र धरने पर बैठ गए। कालेज प्रबंधन ने विवि का निर्णय होने की बात कहकर उन्हें चलता कर दिया।
बीबीडीआईटी में कालेज प्रबंधन के ब्रांच चेंज कर सीएस-आईटी दिलाने की बात से छात्र और भड़क गए। छात्रों ने कालेज प्रबंधन पर कम उपस्थिति, एडमिट कार्ड और फीस के अलावा 3500 रुपये वसूली का आरोप भी लगाया।
यूपीटीयू के वीसी प्रो. आर के खांडल के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 15 मई के बाद मान्यता के लिए आवेदन नहीं किया सकता है। इन कालेजों ने इसके बाद ही आवेदन किया है।
यूजीसी के नए कालेजों की संबद्धता पर रोक के चलते उन्हें मान्यता नहीं दी जा सकती। अगर हाईकोर्ट इन छात्रों को राहत देता है तो छात्रों को दूसरे कालेजों में स्थानांतरित किए जाने पर विचार होगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बैठे थे परीक्षाओं में
धांधली सामने आने पर फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षाओं में विवि ने इन छात्रों के एडमिट कार्ड रोक दिये थे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ही छात्र सेमेस्टर परीक्षाआें में बैठ सके थे।