यूपी में कम नहीं होगा एमबीबीएस सीटों पर आरक्षण
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स्पेशल कंपोनेंट प्लान (एससीपी) के तहत स्थापित मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों पर आरक्षण कम नहीं होगा। अखिलेश सरकार ने पहले इन कॉलेजों का आरक्षण कम करने के लिए फाइल चलाई,लेकिन अब सरकार अनुसूचित जाति का आरक्षण कम करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। फिलहाल सरकार ने यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया है।
दरअसल,मायावती जब सत्ता में थीं तो उन्होंने सूबे में चार मेडिकल कॉलेजों की स्थापना स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत की थी। इनमें से तीन मेडिकल कॉलेज सपा सरकार में ही शुरू हुए हैं,लेकिन मायावती पहले ही इन कॉलेजों में अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 70 फीसदी आरक्षण का प्रावधान कर चुकी हैं।
जबकि 15 प्रतिशत आरक्षण ओबीसी को दिया जाता है। सामान्य वर्ग के युवाओं के लिए यहां 15 फीसदी ही सीटें बचती हैं। मायावती सरकार की व्यवस्था के अनुसार स्पेशल कंपोनेंट प्लान के यह कॉलेज आज भी समाज कल्याण की ग्रांट पर चल रहे हैं।
इन मेडिकल कॉलेजों में जारी रहेगा आरक्षण
यूपी में स्पेशल स्पेशल कंपोनेंट प्लान के तहत आने वाले अंबेडकरनगर मेडिकल कॉलेज,कन्नौज मेडिकल कॉलेज,जालौन मेडिकल कॉलेज और सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में आरक्षण जारी रहेगा।
किसका कितना है रिजर्वेशन
एससी व एसटी70 प्रतिशत
अन्य पिछड़ा वर्ग15 प्रतिशत
सामान्य वर्ग15 प्रतिशत
यूपी सीपीएमटी के तहत कॉलेज में सीटों की स्थिति
अनुसूचित जाति62 सीटें
अनुसूचित जनजाति05 सीटें
अन्य पिछड़ा वर्ग11 सीटें
सामान्य वर्ग07 सीटें
कुल85 सीटें
चिकित्सा शिक्षा विभाग के महानिदेशक डॉ.वी.एन त्रिपाठी बताते हैं कि आरक्षण की यह व्यवस्था कितने वर्षों के लिए लागू रहेगी इस पर नियमावली में कोई बात नहीं कही गई है। हम इन्हीं नियमों के तहत इन कॉलेजों में एमबीबीएस के दाखिले में आरक्षण दे रहे हैं।