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हैप्पी हार्मोन दिलाएगा बीमारी से निजात

Mon, 03 Feb 2014 10:35 AM IST
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ
अतुल भारद्वाज/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 03 Feb 2014 10:35 AM IST
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regular exercise will improve immunity

‘आनी वाली पीढ़ी तक अगर साइंस की समझ आसान बनानी है तो मीडिया को साइंस कार्टून को जगह देनी होगी। यह बात कही एलयू के पूर्व वीसी प्रो. एमएस सोढ़ा ने।

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वे साइंस सिटी में चल रहे साइंस एक्सपो-2014 के चौथे दिन साइंस कम्युनिकेशन विषय पर विचार व्यक्त कर रहे थे।

वहीं, व्यायाम का महत्व बताते हुए वैज्ञानिकों ने बताया कि रोजाना व्यायाम करने से हैप्पी हार्मोन यानी एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन हार्मोन पैदा होते हैं।

जो बीमारियों से दूर रखने में मददगार होते हैं। साथ ही दैनिक जीवन में विज्ञान का उपयोग करने की सलाह दी गई।

रविवार को साइंस सिटी में चौथे दिन साइंस एक्सपो में प्रो. सोढ़ा ने कहा कि साइंस कम्युनिकेशन के लिए अलग-अलग विधाओं को चुनना होगा।

इसमें अखबार साइंस कार्टून की मदद से ज्यादा से ज्यादा जानकारी बच्चों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि समझना होगा कि पाठक को अखबार से जोड़ने के लिए न्यूमेरिक फैक्ट्स के साथ रोचकता भी देनी होगी।
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साइंस कार्टून बच्चों को वैज्ञानिक जानकारी देने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में साइंस की अच्छी समझ पैदा करने के लिए मीडिया में साइंस कार्टून को जगह देना जरूरी है, इसलिए मीडिया इस ओर आगे आए।
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अपने कार्यकाल में एलयू में इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (आईएमसीएसटी) की स्थापना करने वाले प्रो. सोढ़ा विज्ञान के लोगों तक पहुंचाने की प्रगति से नाराज दिखे।

उनका कहना था कि इस फील्ड में प्रोफेशनल्स का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा इंस्टीट्यूट भी अपना काम कर रहे हैं, या नहीं, इस पर उन्हें संशय है।

साइंस कम्युनिकेशन पर आयोजित कार्यशाला में मास मीडिया के छात्रों को जानकारी देने के लिए आईएमसीएसटी के कार्यकारी निदेशक डॉ. एके शर्मा, एनबीटी के स्थानीय संपादक सुधीर मिश्र और प्रो. संजय मोहन जौहरी, निमीश कपूर मौजूद रहे।

वहीं सीमैप से जुड़े रहे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आनंद अखीला ने बच्चों को उनके रोजमर्रा के विज्ञान पर जानकारी देते हुए बताया कि इसे भूलने की वजह से ही हम बीमार पड़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि खानपान, तनाव हमारी जिंदगी को बिगाड़ रहा है। इससे बचने के लिए उन्होंने पूर्वजों के इस्तेमाल किए जाने वाले टिप्स विज्ञान से जोड़कर बताए।

उन्होंने बताया कि तुलसी अपने एंटी ऑक्सीडेंट और दूसरी गुणों की वजह से स्वस्थ रखने में मददगार है। उन्होंने बताया कि एंडोर्फिन और ऑक्सीटोसिन हार्मोन व्यायाम से पैदा होते हैं। यह हैप्पी हार्मोन कहलाते हैं क्योंकि यह सेहत के लिए फायदेमंद हैं।


तनाव और खानपान शरीर की केमिस्ट्री बिगाड़ने का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि हमारे शरीर को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन के अलावा आयरन, कैल्शियम, सोडियम, पौटेशियम की जरूरत होती है।

इसे ड्राइफूट्स और रोजमर्रा में उपयोग होनी वाली चीजों जैसे मसाले से पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि एक इलायची कई खनिज अपने में समेटे होती है।

फूलों की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि अब एरोमाथैरेपी के रूप में विकसित हो रहे साइंस से इसे बेहतर समझा जा सकता है। फूलों की खुशबू से लोगों का इलाज किया जा रहा है।

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