पुलिस भर्ती में इस बार ये गलती की तो नहीं बन पाएंगे सिपाही
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सिपाही भर्ती परीक्षा की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और मुन्ना भाइयों के रैकेट से दूर रखने के लिए हिमाचल पुलिस ने एक अनूठा प्रयोग किया है। इस बार सिपाही भर्ती परीक्षा में सिर्फ वही आवेदक भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण में पहुंच पाएंगे, जिन्होंने अपने हाथ से फार्म भरा होगा।
ऐसा इसलिए है क्योंकि भर्ती प्रक्रिया के हर चरण में आवेदक से लिखवाकर ही उसकी पहचान की पुष्टि की जाएगी। अगर आवेदक के फार्म से उसके अगले चरण की हैंड राइटिंग न मिली तो उसका आवेदन वहीं से निरस्त कर दिया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश पुलिस पहली बार 1500 सिपाहियों की भर्ती कराने जा रही है। प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी सिपाही भर्ती को निष्पक्ष बनाने के लिए पुलिस ने पूरी ताकत लगा दी है।
भर्ती के हर चरण में हिंदी और अंग्रेजी में लिखवाकर चेक की जाएगी आवेदक की पहचान
इसी के तहत विभाग ने भर्ती फार्म से लेकर प्रक्रिया पूरी होने तक ऐसी व्यवस्था की है कि अगर आवेदक ने अपने हाथ से फार्म नहीं भरा तो भर्ती प्रक्रिया के अगले ही चरण में फेल हो जाएगा। आवेदन फार्म की ही तरह भर्ती के हर चरण में आवेदक से हिंदी और अंग्रेजी में लिखवाकर उसकी पहचान की पुष्टि की जाएगी।
इस दौरान हर चरण में आवेदक के आवेदन फार्म की लिखावट से उसके उस चरण के लेखन का समानांतर मिलान किया जाता रहेगा। अगर लेखनी में अंतर पाया गया तो उसके आवेदन को वहीं से निरस्त कर दिया जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि हैंड राइटिंग मैच कराने की व्यवस्था से भर्ती प्रक्रिया में मुन्ना भाइयों के रैकेट को सक्रिय होने से रोका जा सकेगा।
एडीजीपी एपी सिद्दीकी ने बताया कि देश में पहली बार ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि आवेदक की हैंड राइटिंग के जरिये उसकी मेहनत को परखा जाएगा। लिखित परीक्षाओं में ठेका लेकर मुन्ना भाइयों के बैठने की शिकायतों को दूर करने और परीक्षा को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ही हर चरण में हैंड राइटिंग मिलाने की व्यवस्था की गई है। उम्मीद है कि इस व्यवस्था के जरिये मेहनत के बल पर आगे आने वाले अभ्यर्थियों को ही जगह मिलेगी।