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री-काउंसलिंग से भरेंगे सरकारी कॉलेजों की खाली सीटें

Sun, 15 Jun 2014 08:45 AM IST
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ
आशीष त्रिवेदी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 15 Jun 2014 08:45 AM IST
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Re-counselling to fill engineering colleges seats

उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय (यूपीटीयू) इस बार सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की खाली सीटों को भरने के लिए री-काउंसलिंग करवाएगा।

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आईआईटी व एनआईटी जैसे संस्थानों में दाखिला मिलने के कारण ऊंची रैंक के स्टूडेंट्स रजिस्ट्रेशन करवाने के बाद दाखिला नहीं लेते हैं।

ऐसे में सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों की सीटें खाली रह जाती हैं। इन खाली सीटों को भरने के लिए सभी पात्र स्टूडेंट्स को रैंक के अनुसार री-काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाएगा।

यूपीटीयू इन स्टूडेंट्स द्वारा जमा की गई फीस को भी समायोजित करेगा। यूपीटीयू द्वारा इंजीनियरिंग व मैनेजमेंट कॉलेजों में दाखिले के लिए हुई राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) 2014 की काउंसलिंग जून के आखिरी हफ्ते में शुरू करने की तैयारी है। काउंसलिंग के बाद खाली सीटों को री-काउंसलिंग से भरा जाएगा।
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यूपीटीयू से संबद्घ इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए ऊंची रैंक वाले स्टूडेंट्स हर साल मनचाहे संस्थान व ब्रांच में अपनी सीट लॉक कर देते हैं।

वह रजिस्ट्रेशन फीस भी दाखिले के लिए भर देते हैं। मगर जब उन्हें इससे अच्छे संस्थान में दाखिला मिल जाता है तो वह इसे छोड़ देते हैं।

यूपीटीयू प्रशासन सरकारी संस्थानों की सीटें खाली होने के कारण उन्हें रैंक के अनुसार अच्छे स्टूडेंट्स के माध्यम से भरने की तैयारी कर रहा है।

यूपीटीयू के प्रति कुलपति प्रो. दिवाकर सिंह यादव कहते हैं कि हर बार की यह बड़ी समस्या होती है कि अच्छी रैंक वाले स्टूडेंट रजिस्ट्रेशन तो करवा लेते हैं।
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लेकिन वह जेईई एडवांस व जेईई मेन्स के तहत आईआईटी व एनआईटी में दाखिला पाने के बाद सीट छोड़ देते हैं। ऐसे में यह सीटें खाली रह जाती हैं अब इसे भरने के लिए री-काउंसलिंग होगी।


री काउंसलिंग में दाखिला मेरिट के आधार पर लिया जाएगा। जो स्टूडेंट सरकारी कॉलेज की सीट छोड़ रहा है, उसकी रैंक के बाद वाले स्टूडेंट् को पहला मौका मिलेगा। अगर वह नहीं आया तो उसके बाद रैंक में क्रमानुसार जो होगा दाखिला पाएगा।

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