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केजीएमयू में भी रैगिंग! सीनियर्स हड़काते हैं फोन पर

Mon, 16 Sep 2013 12:42 PM IST
टीम डिजिटल/लखनऊ
टीम डिजिटल/लखनऊ Updated Mon, 16 Sep 2013 12:42 PM IST
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ragging in kgmu

केजीएमयू में जूनियर छात्र किसी सीनियर का फोन आते ही सहम जाते हैं। सीनियर न केवल उन्हें भला-बुरा कहते हैं बल्कि जीरो कटिंग की भी हिदायत देते हैं।

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एक दिन तो मुर्गा बनकर सभी की फोटो वाट्सएप से भेजने के लिए कहा गया जिससे पता चल सके कि सीनियर के हुक्म की तामील हुई।

जूनियर छात्रों को हिंदी में बात करने के लिए मजबूर किया जाता है, बाद में उसका मजाक उड़ाया जाता है।


केजीएमयू एमबीबीएस-2013 बैच के एक जूनियर छात्र का कहना है कि अनजाने नंबरों से कॉल आती है और खुद को सीनियर बताकर गालियां दी जाती हैं।

क्लास छूटने के समय और रात होते ही मोबाइल पर रैगिंग का सिलसिला शुरू हो जाता है इसलिए जूनियर्स ज्यादातर फोन ऑफ रखते हैं। एक छात्र ने बताया कि जूनियर्स को गालियां बकने और उल्टी-सीधी हरकतें करने के लिए भी कहा जाता है। वहीं, डे स्कॉलर्स भी सीनियर के चंगुल में फंस रहे हैं।

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एक छात्र को तो कुछ लड़के जबरन कार में बैठाकर ले गए और बाहर ले जाकर रैगिंग ली। जीरो कटिंग किए हुए छात्र तो पहले दिन से ही परिसर में देखे जा रहे हैं।

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एक छात्र ने बताया कि शुद्ध हिंदी में बातचीत के लिए मजबूर किया जाता है। इसमें छात्र मस्ती भी करते हैं। बकौल एक सीनियर जब जूनियर ने उससे कहा कि उसे कवक संक्रमण (फंगल इन्फेक्शन) हो गया है तो उसकी हंसी रोके नहीं रुकी।

‘डॉक्टर साहब! दूरभाष से बात करने में विलंब हो गया, क्षमाप्रार्थी हूं’। कमरे में विद्युत धारा आपूर्ति में व्यवधान हो गया था। दोबारा ऐसी त्रुटि नहीं होगी’। ऐसी संवाद अदायगी केजीएमयू परिसर में इन दिनों आम है।

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