जीबी पंत पॉलीटेक्निक में रैगिंग का शर्मनाक खेल
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जीबी पंत पॉलीटेक्निक में शुक्रवार को एक बार फिर रैगिंग का शर्मनाक खेल खेला गया। हॉस्टलर्स ने जूनियर डे स्कॉलर्स की रैगिंग के नाम पर जमकर धुनाई की।
डे स्कॉलर्स सीनियर स्टूडेंट्स ने जूनियर्स को बचाने की कोशिश की तो उनकी भी जमकर पिटाई की। परिसर के अंदर ही कई छात्रों को पीटा लेकिन संस्थान की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस पर पीड़ित छात्रों ने पुलिस चौकी में गुहार लगाई। मामले की सूचना समाज कल्याण के संयुक्त निदेशक को भी मिली। देर शाम पॉलीटेक्निक पहुंचे संयुक्त निदेशक समाज कल्याण ने पीड़ित छात्रों से बातचीत की और कार्रवाई न करने पर प्रिंसिपल केके श्रीवास्तव को जमकर लताड़ा।
समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित जीबी पंत पॉलीटेक्निक में रैगिंग की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार सुबह डे स्कॉलर्स छात्र गेट से अंदर आ रहे थे, तभी हॉस्टल के सीनियर छात्रों ने उन्हें घेर लिया।
इसके बाद छात्रों की रैगिंग लेने लगे। जूनियर्स के विरोध जताने पर उनकी धुनाई शुरू कर दी। वहां से गुजर रहे सीनियर डे स्कॉलर्स ने जब विरोध जताया तो उनकी भी जमकर पिटाई कर दी।
‘एक्शन लो या एक्शन के लिए तैयार रहो’
करीब 15 मिनट तक पिटाई करने के बाद हॉस्टलर्स वहां से चलते बने। पिटाई में मनीष कुमार यादव, देवेंद्र मिश्रा को सिर पर चोट लग गई। इसी तरह विश्वास जायसवाल, अवनीश कुमार सिंह, कृष्णा यादव को भी काफी चोट आई।
पीड़ित छात्र पुलिस के पास भी गए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। संदीप कुमार, अभय कुमार, राधे कृष्णराम, अमित कुमार, राहुल सिंह समेत कई छात्रों के खिलाफ प्रिंसिपल के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
कोई एक्शन होते न देख डे स्कॉलर्स ने परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना समाज कल्याण के संयुक्त निदेशक जी राम तक पहुंची। संयुक्त निदेशक ने पीड़ित छात्रों से बात करके उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
शुक्रवार को घटना के बाद मौके पर पहुंचे संयुक्त निदेशक समाज कल्याण जी राम ने पुरानी घटनाओं का संज्ञान लेते हुए प्रिंसिपल केके श्रीवास्तव की जमकर क्लास ली।
उन्होंने प्रिंसिपल को चेतावनी देते हुए कहा कि इन घटनाओं पर वह एक्शन लें अन्यथा, वे खुद एक्शन के लिए तैयार रहें।