कॉलेज के भीतर हुई रैगिंग, बाहर जमकर चले हथियार
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शिमला के कोटशेरा कॉलेज में एक छात्र से रैगिंग करने का मामला सामने आया है। प्रथम सत्र के छात्र ने अपने सीनियर्स पर रौब से बात करने का आरोप लगाया है। पीड़ित छात्र ने कॉलेज प्राचार्य को भी इसकी शिकायत सौंपी है। शिकायत मिलने के बाद प्रिंसिपल ने भी कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी को मामले की जांच का जिम्मा सौंप दिया है।
प्राचार्य आरआर चौहान ने कहा कि कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर अगली कार्रवाई की जाएगी। कहा कि कॉलेज परिसर में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कमेटी मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। आरोप सिद्ध होते हैं तो नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
शुक्रवार दोपहर बाद कॉलेज प्राचार्य के पास आई शिकायत में प्रथम सत्र के छात्र ने आरोप लगाया है कि सीनियर छात्र ने रौब वाले अंदाज में उसका नाम-पता पूछा। प्राचार्य ने शिकायत आने के बाद मामले की जांच के लिए कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी को आदेश जारी कर दिए। कमेटी के मुखिया प्रो. पूर्ण चंद कश्यप ने कहा कि मामला गंभीर है, तो इसमें कमेटी पूरे तथ्यों और दोनों पक्षों के बयान दर्जकर अपने स्तर पर भी छानबीन करेगी। इसमें कोई रिपोर्ट दी जा सकेगी।
दो छात्र गुट भिड़े, आधा दर्जन घायल
वहीं, कोटशेरा कॉलेज में शुक्रवार को दो छात्र गुटों में हुई झड़प से माहौल तनावपूर्ण हो गया। छात्रों के बीच हाथापाई के साथ ही जमकर हथियार भी चले। इसमें पांच छात्रों को चोटें आई हैं। इसमें एसएफआई और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं।
कॉलेज परिसर में हालांकि मौजूद शिक्षकों और प्रधानाचार्य ने बीच बचाव कर मामले को शांत कर दिया था। लेकिन इसके बाद दोनों छात्र गुटों के बीच शाम करीब पांच बजे चौड़ा मैदान में खूनी झड़प हो गई। इसमें कई छात्रों को चोटें आई हैं। कैंपस में हुई इस घटना के तुरंत बाद कॉलेज प्राचार्य की सूचना पर थाना बालुगंज से पुलिस कैंपस में पहुंच गई थी।
दोनों छात्र गुटों की ओर से शिकायत
प्राचार्य को एसएफआई की ओर से सौंपी शिकायत को आगामी छानबीन के लिए पुलिस को सौंप दिया है। एसएफआई और एबीवीपी ने इस मामले के लिए एक दूसरे को जिम्मेवार ठहराया है। घटना के बाद से परिसर में माहौल तनावपूर्ण है। कॉलेज प्राचार्य आरआर चौहान ने माना कि परिसर में छात्र संगठन कार्यकर्ताओं के बीच में सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे भिड़ंत हुई थी लेकिन वे स्वयं कैंपस में मौजूद थे।
शिक्षकों ने और उन्होंने कार्यकर्ताओं को शांत कर दिया था। इसके तुरंत बाद परिसर में मौजूद कार्यकर्ता भाग गए थे। पुलिस को सूचित करने के बाद बालुगंज थाना से पुलिस जवान और अधिकारी कॉलेज परिसर पहुंचे। प्राचार्य ने एसएफआई की ओर से एबीवीपी पर लगाए आरोपों की शिकायत को पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस के अलावा कॉलेज की अनुशासन कमेटी अपने स्तर पर इसकी छानबीन कर रही है।
अनुशासनहीनता नहीं होगी बर्दाश्त : प्राचार्य
कॉलेज प्राचार्य आरआर चौहान ने कहा कि कॉलेज परिसर में किसी भी तरह से अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी। घटना की जांच अनुशासन कमेटी कर रही है। यदि इसमें कॉलेज छात्र संलिप्त पाए गए तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। जरूरत पड़ी तो ऐसे छात्रों को निष्कासित कर दिया जाएगा।
एसएफआई कर रही गुंडागर्दी : एबीवीपी
एबीवीपी के जिला संगठन मंत्री अतुल शर्मा ने कहा कि कोटशेरा में एसएफआई लगातार लड़ाई झगड़े का माहौल बनाकर नए छात्रों को धमकाने का कार्य कर रही है। शुक्रवार को एसएफआई कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी इकाई सचिव निखिल पर हमला किया। इसमें उनके सिर पर चोट आई है। हमला करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
एबीवीपी ने दराट से किया हमला : एसएफआई
एसएफआई के इकाई सचिव अखिल ठाकुर ने प्राचार्य और पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में उन पर दराट से हमला किया। कहा कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम करीब पांच बजे फिर से एसएफआई कार्यकर्ताओं पर हमला किया। इसमें उनके तीन से अधिक कार्यकर्ताओं को चोटें आई हैं। उन्होंने हमला करने वालों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।