{"_id":"7589ccd2194ad083c358d341163f434e","slug":"raaggiri-event-at-delhi-cheshire-homes-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जब गूंज उठा ऐ मालिक तेरे बंदे हम","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
जब गूंज उठा ऐ मालिक तेरे बंदे हम
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 27 Sep 2015 12:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली चेशायर होम्स के लिए शनिवार का दिन बेहद खास था। शारीरिक और मानसिक चुनौतियों के शिकार लोगों ने संगीत कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। आपको भले ही जानकर ताज्जुब होगा लेकिन संगीत को लेकर शारीरिक चुनौतियों से जूझ रहे लोगों का उत्साह इस बात से समझा जा सकता है कि कुछ लोगों ने बाकयदा गाना भी गाया।
विज्ञापन
दिल्ली के चेशायर होम की स्थापना ग्रुप कैप्टेन लॉर्ड लिओनार्ड चेशायर ने 1917 में की थी। 54 देशों में काम करने वाली इस संस्था के भारत में 25 होम्स हैं, जिसमें से दिल्ली चेशायर होम्स सबसे बड़ा है।
विज्ञापन
चेशायर होम्स में शनिवार का कार्यक्रम रागगीरी संस्था की तरफ से आयोजित किया गया था। रागगीरी भारतीय शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा देने वाली और संगीत को समाज के वंचित तबके तक ले जाने वाली संस्था है।
विज्ञापन
ये संस्था कैंसर पीड़ितों, नेत्रहीन बच्चों, बेसहारा बच्चों, शारीरिक और मानसिक चुनौतियों से जूझ रहे लोगों और वृद्धाश्रमों में इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन करती है। रागगीरी टीम के सदस्य और शास्त्रीय गायकी में किराना घराने के कलाकार गिरिजेश कुमार, आरिफ अली खान और आनंद ने कार्यक्रम की शुरुआत भजनों से की।
संगीत के हीलिंग टच को इस बात से समझा जा सकता था कि हॉल में मौजूद शारीरिक चुनौतियों वाले लोग भी अपने हाथ से ताल देने में नहीं चूक रहे थे। कार्यक्रम के दौरान चेशायर होम्स के स्कूली बच्चों ने भी अपनी पेशकश दी।
ओखला के आस पास की झुग्गी झोपड़ियों में रहने वाले बच्चों ने अपने डांस से खूब तालियां बटोरीं। इन बच्चों ने रागगीरी की टीम के साथ ऐ मालिक तेरे बंदे हम गाने में भी सुर से सुर मिलाए। पूरा हॉल इस गाने से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान रागगीरी के संस्थापक सदस्य शिवेंद्र कुमार सिंह ने कहाकि इस मुहिम का मकसद ऐसी जगहों पर आकर ही पूरा होता है। इन लोगों से मिलने के बाद ही समझ आता है कि जीवन में तमाम चुनौतियों के बाद भी कैसे खुश रहा जा सकता है।
इस मौके पर दिल्ली चेशायर होम्स के एडमिनिस्ट्रेटर विनोद वर्मा ने अपनी संस्था की कार्यशालाओं के बारे में भी बताया। इस कार्यशाला में खूबसूरत दिए, देवी देवताओं की मूर्तियां और तमाम दूसरी चीजें बनाई जाती हैं।