पीयू में रैगिंग का मतलब, हवालात की हवा
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पीयू कैंपस में पिछले सालों में रैगिंग की घटनाओं को देखते हुए पीयू प्रशासन ने पहले से ही तैयारी करनी शुरू कर दी है। बुधवार को रैगिंग रोकने और विद्यार्थियों को जागरूक करने संबंधी डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल, प्रो. नंदिता सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार, चीफ सिक्योरटी ऑफिसर डा. जितेंद्र ग्रोवर की बैठक हुई।
बैठक में नए छात्रों के बीच रैगिंग के खौफ को दूर करने और मदद के लिए तैयारी पर करीब एक घंटा चर्चा हुई। प्रो. नवदीप गोयल ने बताया कि 2013-14 में रैगिंग का पंजाब यूनिवर्सिटी में एक भी केस सामने नहीं आया।
नोटिस बोर्ड पर लगेंगे हेल्प लाइन नंबर
रैगिंग संबंधी शिकायत के लिए पीयू के सभी विभाग, हॉस्टल और तीनों गेट पर एंटी रैगिंग कमेटी के सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर और वार्डन के हेल्प लाइन नंबर जारी किए जाएंगे।
24 घंटे किसी भी समय रैगिंग का मामला आने पर इन नंबर पर फोन किया जा सकता है। डीएसडब्ल्यू की ई-मेल dsw@pu.ac.in पर भी रैगिंग की शिकायत की जा सकती है। पीयू की हैंडबुक और पीयू वेबसाइट पर भी हेल्प लाइन नंबर दिए गए हैं।
एक लाख जुर्माना और 3 साल की जेल
डीएसडब्ल्यू प्रो. नवदीप गोयल ने बताया कि रैगिंग को लेकर पीयू इस बार पूरी सख्ती बरतेगा। रैगिंग के आरोपी को विभाग और हॉस्टल से तुरंत निकाल दिया जाएगा।
साथ ही ऐसे छात्र को पुलिस के हवाले भी किया जाएगा। उन्होंनेे बताया कि रैगिंग के आरोपी पर 25 हजार से 1 लाख रुपये का फाइन भी लगेगा। ऐसे मामलों में 3 साल की सजा का प्रावधान भी है।