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सिंडीकेट की बैठक में फीस बढ़ोतरी पर फैसला टला
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 24 Jan 2016 12:42 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की शनिवार को हुई सिंडीकेट की बैठक में 2016-17 सत्र से फीस बढ़ोतरी पर सहमति नहीं बन सकी। ट्यूशन फीस 500 से 1200 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव आया था। कुछ सीनेटर ने प्रस्ताव का विरोध किया। अब प्रस्ताव नए सिरे से फरवरी में होने वाली सिंडीकेट में लाया जाएगा।
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बैठक में वीसी ने सिंडीकेट सदस्यों को 5 फीसदी फीस बढ़ोतरी को वाजिब बताया। 2016 की पहली सिंडीकेट बैठक में 50 प्रस्ताव रखे गए। लेकिन मीटिंग में सिर्फ 22 प्रस्तावों पर ही चर्चा हो सकी। अगली मीटिंग फरवरी के दूसरे हफ्ते में संभावित है।
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सिंडीकेट बैठक में देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को जवाहरलाल नेहरू चेयर की प्रोफेसरशिप देने पर भी सहमति बनी है। नोबल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी और प्रो. योगेंद्र के अलाग और ईला भट्ट को भी विभिन्न चेयर की प्रोफेसरशिप देने को मंजूरी दी गई है।
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सिंडीकेट सदस्य प्रो. एसएस सांगा के अनुरोध पर ओलंपियान कर्नल बलबीर सिंह के नाम पर चेयर स्थापित करने पर भी चर्चा हुई। सिंडीकेट में इंटरनेशनल खिलाड़ियों के लिए दो सीट रिजर्व करने पर भी सहमति बनी है। सिंडीकेट ने 2016 में होने वाली सीनेट चुनाव के शेड्यूल को भी मंजूरी दे दी है।
पहली बार सीनेट चुनाव की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। बैठक में वीसी को बोर्ड ऑफ फाइनेंस (2016-17) के लिए सिंडीकेट के दो सदस्यों को नामांकित करने का अधिकार दे दिया गया। पीयू में डीन कॉलेज डेवलेपमेंट काउंसिल (डीसीडीसी) की नियुक्ति के लिए नई एकेडमिक योग्यता को मंजूरी दी गई। एमबीए कोर्स में स्पोर्ट्स कैटेगरी के तहत दाखिले को भी मंजूर किया है।
प्रो. एके भंडारी बने रहेंगे डीयूआई
सिंडीकेट बैठक में नए डीयूआई की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया। वरिष्ठता के तहत लॉ विभाग के प्रोफेसर पीएस जसवाल का नाम नए डीयूआई के लिए प्रस्तावित किया गया। लेकिन प्रो. जसवाल फिलहाल राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (पटियाला) में कुलपति हैं। सिंडीकेट ने प्रो. जसवाल से जवाब मिलने तक फिलहाल मौजूदा डीयूआई प्रो. एके भंडारी को एक्सटेंशन देने का फैसला लिया है।
यौन उत्पीड़न मामले में समझौते की कोशिशें
शनिवार को सिंडीकेट की बैठक में वीसी और एक महिला प्रोफेसर के बीच यौन उत्पीड़न मामला फिर से आया। सूत्रों के अनुसार सिंडीकेट बैठक में मामले में आपसी समझौता कराने का प्रस्ताव रखा गया। जानकारी के अनुसार महिला प्रोफेसर को मनाने के लिए चार सदस्यों की कमेटी बनाई गई है।
गौरतलब है कि एक महिला प्रोफेसर ने वीसी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। मामला पीयू चांसलर और उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी तक पहुंच चुका है। मामले में यूजीसी से भी पीयू प्रशासन को कार्रवाई के निर्देश मिले हैं।