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पीयू सिंडीकेट बैठकः क्या हुआ खास, जानने के लिए पढ़ें

Fri, 06 Dec 2013 10:57 AM IST
अमर उजाला / चंडीगढ़
अमर उजाला / चंडीगढ़ Updated Fri, 06 Dec 2013 10:57 AM IST
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लंबे समय से विवादों में घिरी पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट ने एक और नए विवाद को जन्म दिया है। सिंडीकेट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर एडहॉक और कांट्रेक्ट की दो नियुक्तियों को रेगुलर करने का फैसला किया है।
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इस संबंध में सिंडीकेट ने नियमों की परवाह न करते हुए उच्च स्तरीय सलेक्शन कमेटी के फैसले को भी बदल दिया। इससे पीयू में नया विवाद पैदा हो गया है और रविवार को सीनेट की बैठक में इस मुद्दे पर हंगामा होना तय है। मामले के तूल पकड़ने पर पीयू के एक अधिकारी पर गाज भी गिर सकती है।
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सिंडीकेट का तर्क

सिंडीकेट ने डॉ.एचएस जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस में सलेक्शन कमेटी की ओर से एडहॉक और कांट्रेक्ट पर नियुक्त एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर को रेगुलर नियमित करने का निर्णय लिया है।
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सिंडीकेट ने अपने फैसले का आधार इस तथ्य को बनाया है कि पीयू ने दोनों पदों के लिए नियमित नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया था, इसलिए दोनों पदों पर हुई नियुक्ति को रेगुलर माना जाए।

सिंडीकेट की ओर से 8 अक्तूबर को लिए गए इस फैसले को सीनेट के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जा रहा है।

विरोधियों की दलील
सीनेट सदस्यों का कहना है कि सिंडीकेट ने अपने अधिकारों के बाहर जाते हुए यह फैसला लिया है क्योंकि सिंडीकेट सिर्फ किसी नियुक्ति को या तो रद कर सकती है या उसे मंजूरी दे सकती है। सलेक्शन कमेटी ने जो फैसला लिया है उसे बदलने का अधिकार न तो सिंडीकेट के पास है और न ही सीनेट के पास।

यह था मामला
पीयू ने डॉ.एचएस जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंस में आर्थोडांटिक्स में एक प्रोफेसर के पद के लिए और एनेस्थीसिया में एक एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाला था।

आर्थोडांटिक्स में एक पद के लिए दो उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया गया, जिनमें से सिर्फ डॉ.दीपक कुमार गुप्ता ने इंटरव्यू दिया।

तत्कालीन कुलपति प्रो.आरसी सोबती की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय चयन समिति की पिछले साल 13 जून को बैठक हुई जिसमें डॉ.गुप्ता को एक साल के लिए कांट्रेक्ट पर नियुक्त करने का फैसला लिया गया।

हालांकि पीयू ने प्रोफेसर के नियमित पद के लिए विज्ञापन निकाला था लेकिन चयन समिति ने कांट्रेक्ट पर नियुक्ति का फैसला किया।

इसी तरह से एनेस्थिसिया विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के एक पद के लिए एक ही उम्मीदवार ने आवेदन किया और पिछले साल 1 जून को प्रो.सोबती की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय चयन समिति की बैठक में एक मात्र उम्मीदवार डॉ.पुनीत कपूर को एडहॉक पर एक साल के लिए नियुक्त किया गया।

चयन समिति के फैसले के तहत पीयू ने जब दोनों उम्मीदवारों को 27 फरवरी को नियुक्ति पत्र जारी किया तो उसमें अपनी तरफ से यह लिख दिया गया कि फिलहाल नियुक्ति एक साल के लिए की गई है और उनकी नियुक्ति के टर्म एंड कंडीशंस व नेचर ऑफ अप्वाइंटमेंट बाद में तय होगा।


सीनेट सदस्यों का कहना है कि जब चयन समिति ने सिर्फ एक साल के लिए ही कांट्रेक्ट और एडहॉक पर नियुक्ति की थी तो नियुक्ति पत्र में यह नहीं लिखा जाना चाहिए था कि फिलहाल उनकी नियुक्ति एक साल के लिए हुई है।

सिंडीकेट ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर चयन समिति के फैसले को बदला है। सीनेट में इस फैसले पर विरोध जताया जाएगा।
-अनु चतरथ, पूर्व मेयर और सिंडीकेट सदस्य
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