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चंडीगढ़ः पीयू सिंडीकेट में इन प्रस्तावों पर लगी मुहर

Mon, 19 Oct 2015 04:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 19 Oct 2015 04:01 PM IST
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punjab university syndicate accept many proposals

पंजाब यूनिवर्सिटी में सिंडीकेट की बैठक में हंगामे के बाद यौन उत्पीड़न कमेटी के नियमों में बदलाव किया है। रिसर्च स्कॉलर की जगह पदनाम रिसर्च अफसर होगा। सदस्यों का कहना था कि कमेटी में किसी स्टूडेंट्स को शामिल करना पीयू केनियमों के खिलाफ है।

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इसके अलावा कमेटी के सदस्यों का चयन सीनेट और सिंडीकेट ही करेगी। पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन(पूटा) की सीनेट और सिंडीकेट सदस्यों का कार्यकाल सीमित करने की मांग पर कमेटी का गठन किया गया है। अब मामले पर बदलाव करने के लिए प्रत्येक सीनेट सदस्य से सुझाव लिए जाएंगे।
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सदस्यों को सुझाव देने के लिए छह माह का समय दिया जाएगा।  सिंडीकेट ने सी-क्लास कर्मचारियों को साउथ कैंपस स्थित कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग में 50 प्रतिशत छूट देने पर मंजूरी दे दी है। 2014 में सिंडीकेट ने सेंटर की फीस क्लास वाइज निर्धारित की थी जिसमें ए और बी क्लास के लिए फीस 5 हजार तय की गई थी। लेकिन सी-क्लास को शामिल नहीं किया गया था।
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 सीनेट के तीन खाली पदों पर पर दोबारा चुनाव होगा। पूर्व सीनेटर जीके चतरथ के निधन एवं प्रिंसिपल पुनीत बेदी और प्रो. गोसल के रिटायर होने के कारण ये पद खाली पड़े हैं। प्रो.राजेश गिल का चांसलर हामिद अंसारी को सीधे शिकायत देने का मामला कमेटी को भेज दिया गया है। प्रो.राजेश गिल ने वीसी प्रो.अरुण ग्रोवर पर  छेड़छाड़ केआरोप लगाए थे।

कालेजों में पीएचडी करवाने की मंजूरी नहीं मिली
कॉलेजों में पीएचडी करवाने को सिंडीकेट की मंजूरी नहीं मिल सकी। सदस्यों का मनना है कि यह यूजीसी के नियमों  का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त पीयू में रिफ्रेशर कोर्स शुरू करने पर एकेडमिक कॉलेज के डॉयरेक्टर प्रो. कर्मजीत यूजीसी को अनुमति के लिए पत्र भेजेंगे।

अनुमति मिलने के बाद ही कोर्स शुरू होगा। इन्हे लेकर प्रो. नरेश गौड़ ने प्रपोजल भेजा था। डॉ.हरवंश सिंह जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल  साइंसिज एंड हॉस्पिटल में अस्थाई तौर पर कर्मचारियों  की भर्ती पर सिंडीकेट ने मंजूरी दे दी है।


करियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) केलिए पारदर्शी व्यवस्था बनाने को लेकर काफी नोकझोंक हुई। सदस्यों ने एतराज जताया  कि कैस केलिए बनी कमेटी नाजायज तौर पर अंक कम कर देती है।

संबंधित टीचर को इसके बारे में सूचित भी नहीं किया जाता है। टीचर अपने  600 अंकों का दावा करता है तो कमेटी कम करके 500 कर देती है

इन पर नहीं बनी सहमति

-स्टोर कीपर को प्रमोट करने का प्रस्ताव
-सीनियर असिस्टेंट और स्टेनोग्राफरों को पंजाब के नियमों के तहत प्रमोट करने का प्रस्ताव।

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