फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab University Strict on Ragging, FIR will be Filed

रैगिंग करने वालों पर तुरंत दर्ज होगी एफआईआर

Tue, 22 Jul 2014 03:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 22 Jul 2014 03:40 PM IST
विज्ञापन
Punjab University Strict on Ragging, FIR will be Filed

पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में रैगिंग को लेकर पीयू प्रशासन ने पूरी सख्ती बरतने का फैसला लिया है। रैगिंग का मामला सामने आते ही संबंधित विभाग का चेयरपर्सन तुरंत आरोपी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएगा।

विज्ञापन


कुछ रोज पहले पीयू एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा तैयार सिफारिशों को कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर ने लागू करने पर मुहर लगा दी है।

रैगिंग के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए पीयू के इंडियन थियेटर विभाग के विद्यार्थियों की मदद ली जाएगी। युवा कलाकार पीयू के स्टूडेंट सेंटर पर एंटी रैगिंग नाटक का मंचन कर युवाओं को जागरूक करेंगे।
विज्ञापन


पुलिस कंट्रोलर रूम की गाड़ी कुछ दिनों तक 24 घंटे पेट्रेलिंग करती रहेगी। सभी टीचिंग विभागों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

पीयू के सभी हॉस्टल और अन्य संवेदनशील जगहों पर नए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव भी पास किया गया है। सभी हॉस्टल में अगले दो महीने तक एक अतिरिक्त सिक्योरटी गार्ड की तैनाती की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पीयू हॉस्टल वार्डन रात 11 बजे तक चेकिंग करेंगे। एंटी रैगिंग कमेटी को 31 अगस्त तक सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। कमेटी में पीयू के दोनों डीएसडब्ल्यू, चीफ सिक्योरटी अफसर और हॉस्टल वार्डन शामिल हैं।

स्टूडेंट और अभिभावक देंगे शपथ पत्र
पीयू प्रशासन ने रैगिंग रोकने के लिए इस साल पीयू में दाखिला लेने वाले हर नए और पुराने स्टूडेंट और उनके अभिभावकों से शपथ पत्र लेने का फैसला लिया है।

अभिभावक लिखकर देंगे कि उनके बच्चे द्वारा रैगिंग की घटना में शामिल होने पर वह जिम्मेदार होंगे। एंटी रैगिंग स्क्वॉयड के सभी मोबाइल और हेल्प लाइन नंबर पीयू के विभिन्न हॉस्टल और विभागों में नोटिस बोर्ड पर लगाए जाएंगे।


कोट्स
रैगिंग को लेकर पीयू प्रशासन किसी तरह की कोताही नहीं बरतेगा। स्टूडेंट्स को रैगिंग के बारे में जागरूक किया जा रहा है। कैंपस में रैगिंग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी।
डा. जितेंद्र ग्रोवर, चीफ सिक्योरटी अफसर, पीयू 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed