पीयू के कांट्रेक्ट कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी
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पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने नए साल में करीब 150 कर्मचारियों को रेगुलर करने की तैयारी कर ली है। सीनेट मीटिंग में पीयू नॉन टीचिंग एसोसिएशन प्रधान दीपक कौशिक ने 15 से 20 साल से कॉन्ट्रेक्ट के तौर पर काम कर रहे सी और डी कर्मचारियों को रेगुलर मामले की फाइल ठंडे बस्ते में डालने का मुद्दा उठाया।
इस पर पीयू रजिस्ट्रार कर्नल जीएस चड्ढा ने बताया कि कॉन्ट्रेक्ट कर्मचारियों को पक्का करने के लिए 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है। रेगुलर किए जाने की स्कीम का लाभ ज्यादा कर्मचारियों को देने के लिए सभी केस ध्यान से एग्जामिन किए जा रहे हैं।
जल्द ही कर्मचारियों को रेगुलर करने की फाइल क्लीयर कर दी जाएगी। दीपक कौशिक ने कहा कि पीयू अधिकारियों ने नए साल तक अस्थायी कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया है।
कॉलेज शिक्षकों को मिलेगी पीएचडी गाइड की अनुमति
सीनेटर और जीसीजी-42 में एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.दलीप ने सीनेट में करीब एक साल से कॉलेजों के करीब 20 शिक्षकों के पीएचडी गाइड बनने की फाइल लंबित होने का मुद्दा उठाया। कुलपति ने कहा कि फाइल तुरंत क्लीयर कर दी जाएगी। गौरतलब है कि पीयू प्रशासन ने एफिलिएटेड कॉलेजों में योग्यता पूरी करने वाले शिक्षकों को भी पीएचडी गाइड बनने की अनुमति प्रदान कर दी है।
प्रमोशन के लिए शिक्षकों को राहत
पीयू सीनेट में कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (कैस) के तहत एपीआई कैपिंग को लेकर हंगामा हुआ। पूटा प्रेसिडेंट रजत संधीर, डॉ.दिनेश और डॉ.एमसी सिद्धू ने मामला उठाया। सीनेट में कैस की कैपिंग के लिए काफी बहस के बाद कुलपति ने तिथि 31 अक्तूबर 2014 लागू करना निर्धारित कर दिया।
इससे प्रमोशन के इंतजार में बैठे काफी एसोसिएट प्रोफेसर को लाभ मिल सकेगा। पहले यह तिथि 25 जून 2014 निर्धारित की गई थी। इससे कई प्रोफेसर कैस के तहत आवेदन करने से वंचित रह गए थे।
सभी संकायों में बढ़ाई जाएंगी सीटें
सीनेट सदस्यों ने आम सहमति से आगामी सत्र से पीयू और एफिलिएटेड कॉलेजों में सभी संकायों में प्रति यूनिट छात्राओं के लिए दो से चार सीटें बढ़ाने को मंजूरी दे दी। नवंबर में हुई पीयू सिंडीकेट बैठक ने पहले ही प्रस्ताव पास कर दिया था। परिवार में सिर्फ दो बेटियां होने पर एक लड़की को यह लाभ मिल सकेगा। ऑल इंडिया लेवल पर होने वाले दाखिलों में यह नियम लागू नहीं होगा।
सीनेट ने जरूरतमंद स्टूडेंट्स के लिए मीन्स कम मेरिट ट्यूशन फीस के लिए 75 लाख रुपये की राशि मंजूर कर दी। पीयू एफिलिएटेड कॉलेजों में कम्यूनिटी कॉलेज में प्रति कोर्स 50 सीटें निर्धारित की गई हैं। सीनेट में कम्यूनिटी कॉलेजों में कम्यूनिटी कोर्स की डिग्री पीयू द्वारा ही जारी करने को लेकर बहस हुई।
डीन कॉलेज डेवलपमेंट काउंसिल प्रो.नवलकिशोर ने मामले में कॉलेजों को स्वायत्तता देने की बात कही। काफी विरोध के बाद पीयू कुलपति ने सर्टिफिकेट पर पीयू की मुहर और एफिलिएशन संबंधी अनुमति को मंजूरी दे दी।
पीयू डेंटल कॉलेज में अस्पताल पर हंगामा
सेक्टर-25 पीयू साउथ कैंपस में बनने वाले 100 बेड अस्पताल को लेकर काफी हंगामा हुआ। डॉ.के गाबा ने कहा कि एमडीएस कोर्स के लिए अस्पताल होना जरूरी है।
सीनेटर डॉ.रुपिंदर तिवारी ने कहा कि अस्पताल में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने लिए 200 करोड़ और सालाना 20 करोड़ बजट चाहिए। इतनी राशि जुटाना पीयू के लिए फिलहाल मुमकिन नहीं है। बहस के बाद पीयू कुलपति ने कहा कि अस्पताल बनाने का प्रपोजल सुरक्षित रखा जाए और मौजूदा बिल्ंिडग अन्य काम के लिए प्रयोग लाई जा सकती है।
बोर्ड ऑफ फाइनेंस मीटिंग को लेकर उठे सवाल
सीनेट में रविवार को 21 दिसंबर को होने वाली सिंडीकेट बैठक से पहले बोर्ड ऑफ फाइनेंस मीटिंग किए जाने को लेकर काफी हंगामा हुआ। सीनेटर अशोक गोयल ने इस मामले में कुलपति से कहा कि यह पूरी तरह कैलेंडर नियमों का उल्लंघन है।
गोयल ने कहा कि बोर्ड ऑफ फाइनेंस एजेंडा पहले सिंडीकेट बैठक में लाया जाना चाहिए था, लेकिन पहली बार बोर्ड ऑफ फाइनेंस की मीटिंग पहले और सिंडीकेट बैठक बाद में बुलाई गई है।
ये मुद्दे भी उठाए गए सीनेट में
-सीनेटर और लॉ विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.दिनेश ने 150 शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेट का लाभ देने का मुद्दा उठाया।
-यूआईएलएस में असिस्टेंट प्रोफेसर अजय रंगा ने पीयू के सभी इंस्टीट्यूट और सेंटर में रोटेशन पॉलिसी लागू करने का मुद्दा उठाया। कुलपति ने मामले पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
-पूटा प्रधान डॉ.रजत संधीर ने महिला प्रोफेसर को चाइल्ड केयर लीव का मुद्दा उठाया। डीयूआई ने एक हफ्ते में लेटर जारी करने का आश्वासन दिया।
-प्रो.एसके शर्मा ने पीयू प्रशासन की ओर से टेक्निकल स्टाफ से रिकवरी का मुद्दा उठाया।
-यूसोल विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ.गुरप्रीत कौर ने सभी विभागों में रैंप के पास व्हील चेयर उपलब्ध कराने की मांग रखी, जिसे कुलपति नेे तुरंत मंजूरी दे दी।
-प्रो.शैली वालिया ने पीयू प्रेस को भी विभाग के तौर पर मंजूरी देने का प्रस्ताव रखा।
इन प्रस्तावों पर सीनेट में लगी मुहर
-शांति का नोबल पुरस्कार पाने वाले कैलाश सत्यार्थी को दीक्षांत समारोह में ऑनरेरी डिग्री देने का प्रस्ताव पारित।
-इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म (यूआईएचएमटी) का नाम इंस्टीट्यूट ऑफ होटल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट (यूआईएचटीएम) किया।
-यूआईईटी से बीई (एमबीए) कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को अब चार साल बाद बीई डिग्री दे दी जाएगी, लेकिन स्टूडेंट्स को सभी पेपर क्लीयर करने होंगे।
-शास्त्री कोर्स में भी सेमेस्टर सिस्टम लागू करने को मंजूरी।
-पीयू फिजिक्स विभाग के ऑडिटोरियम का नाम प्रो.बालमुकंद आनंद ऑडिटोरियम करने का प्रस्ताव पास।
-प्रो.मधु राका को एडवाइजर एंड सेक्रेटरी टू वाइस चांसलर नियुक्ति देने को मंजूरी।
-पीयू के इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज (यूआईपीएस) के प्रो.ओपी कटारे के खिलाफ सीबीआई द्वारा पूछताछ करने के लिए पीयू सीनेट ने अनुमति नहीं दी। कुलपति को सीबीआई डायरेक्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप की बात भी कही गई।
-पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों पर प्रो.मंजू मल्होत्रा, प्रो.अमरनाथ गिल और प्रो.बीएस घुम्मन की नौकरी जारी रखने को मंजूरी।