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सरकार के एक बड़े शोधकार्य का हिस्सा बनेंगी पीयू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 23 Jan 2014 12:10 PM IST
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देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी का तमगा पाने वाली पंजाब यूनिवर्सिटी को शोध के लिए केंद्र सरकार की ओर से बड़े प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है।
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डीएसटी की ओर से देश भर से इस प्रोजेक्ट के लिए चुनी गई 4 यूनिवर्सिटी में पीयू में यूनिवर्सिटी इनोवेशन क्लस्टर इन बायोटेक्नोलॉजी सेंटर स्थापित करने का फैसला लिया गया है।
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प्रोजेक्ट के तहत पीयू को 2 करोड़ से अधिक की ग्रांट चार साल के लिए मिलेगी। देश की टॉप 20 यूनिवर्सिटी के बीच इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 6 महीने से कड़ा मुकाबला चल रहा रहा था।
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देर शाम पीयू कुलपति और इस प्रोजेक्ट से जुड़े प्रो.रुपिंदर तिवारी के पास पीयू को क्लस्टर में शामिल किए जाने संबंधी ई-मेल पहुंच गई है।
क्या होगा इनोवेटिव सेंटर में
इस प्रोजेक्ट के चीफ कार्डिनेटर प्रो.रुपिंद्र तिवारी ने बताया कि बायोटेक्नोलॉजी में नई इनोवेशन के ऑडिया को मूल रुप देने के इच्छुक आम आदमी, स्टूडेंट्स और रिसर्च स्कॉलर को शोध के लिए सेंटर में रजिस्टर्ड करना होगा।
जिन लोगों के प्रोजेक्ट को हाई पॉवर कमेटी चुनेगी उन्हें सैलरी और प्रोजेक्ट पर खर्च होने वाला पूरा पैसा दिया जाएगा।
चार साल तक यह प्रोजेक्ट चलेगा। इसके लिए पीयू में ही अलग से सेंटर बनाया जाएगा। मार्च तक प्रोजेक्ट के तहत मिलने वाली राशि की पहली खाप मिलने की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट में इंडस्ट्री के लोगों को भी शामिल किया जाएगा।
सैम पित्रोदा ने ट्विटर पर दी जानकारी
पंजाब यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी के इनोवेटिव सेंटर दिए जाने की जानकारी सबसे पहले प्रधानमंत्री के सलाहकार सैम पित्रोदा ने ट्विटर पर दी। इसके बाद देर शाम पीयू कुलपति के पास संबंधित विभाग से इमेल से जानकारी पहुंच गई।