स्टूडेंट्स को अब धरने नहीं देने पड़ेंगे, पीयू की बड़ी कवायद
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अपनी समस्याओं के लिए अब स्टूडेंट्स को धरना और विरोध प्रदर्शन नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि समाधान निकाल लिया गया है। पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स से जुड़े सभी मामलों के लिए अलग से ग्रिवांस रिड्रेसल कमेटी बनाएगी। जो उनकी हर दिक्कत को गंभीरता से लेकर उसका निदान करेगी।
कमेटी बनाने के इस प्रस्ताव को 20 सितंबर को होनी वाली सिंडीकेट की मीटिंग में रखा जा रहा है। यह कमेटी दो स्तर पर बनाई जाएगी। जिसमें एक कमेटी डिपार्टमेंट लेवल पर बनेगी और दूसरी यूनिवर्सिटी लेवल पर।
स्टूडेंट की समस्या का निदान डिपार्टमेंट लेवल नहीं होता है या वह उसके निर्णय से संतुष्ट नहीं होता है तो यूनिवर्सिटी लेवल पर अपील कर सकेंगे। स्टूडेंट्स की लगातार बढ़ती दिक्कतों के कारण पीयू प्रशासन ने अलग से कमेटी बनाने का प्रस्ताव तैयार किया है।
ये दो तरह की कमेटी बनाएगी पीयू
डिपार्टमेंट लेवल कमेटी
डिपार्टमेंट लेवल कमेटी के चेयरमैन हेड ऑफ डिपार्टमेंट या चेयरपर्सन होंगे। हेड ऑफ डिपार्टमेंट के नॉमिनेटिड 3 फैकल्टी कमेटी के सदस्य होंगे। यह कमेटी डिपार्टमेंट के एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव मामले देखेगी।
यूनिवर्सिटी लेवल कमेटी
‘डीन स्टूडेंट वेलफेयर’ (डीएसडब्ल्यू) कमेटी के चेयरमैन होंगे। डीएसडब्ल्यू वुमन, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन एग्जामिनेशन संबंधी दिक्कतों के लिए, फाइनेंस एंड डेवलपमेंट ऑफिसर फीस या फाइनेंस संबंधी परेशानियों को हल करने के लिए कमेटी के सदस्य होंगे। जबकि असिस्टेंट रजिस्ट्रार/डिप्टी रजिस्ट्रार, डीएसडब्ल्यू ऑफिस कन्वीनर होंगे। डीन ऑफ फैकल्टी भी कमेटी में शामिल होंगे। यूनिवर्सिटी लेवल कमेटी सीधे तौर पर यूनिवर्सिटी स्तर की एकेडमिक और एडमिनिस्ट्रेटिव समस्याओं को देखेगी। इसके अलावा यह कमेटी डिपार्टमेंट लेवल कमेटी के निर्णय के खिलाफ स्टूडेंट की अपील भी सुनेगी।
इन मामलों को देखेगी कमेटी
- एकेडमिक
- नॉन एकेडमिक
- असेसमेंट संबंधी
- अत्यचार संबंधी
- अटेंडेंस संबंधी
- फीस के संबंध में
- परीक्षा संचालन से संबंधित
- स्टूडेंट्स या टीचर्स हैरासमेंट
स्टूडेंट्स ऐसे कर सकेंगे अपील
जिस स्टूडेंट को डिपार्टमेंट लेवल पर दिक्कत है वह पहले अपने हेड ऑफ डिपार्टमेंट को अर्जी देगा। सभी तथ्यों को परखने के बाद एचओडी सप्ताह भर में मामले को सुलझाएगा। अगर स्टूडेंट फैसले से संतुष्ट नहीं होता है तो अर्जी डिपार्टमेंट लेवल कमेटी के पास चली जाएगी। यहां से भी न्याय नहीं मिलने पर स्टूडेंट सप्ताह भर के अंदर यूनिवर्सिटी लेवल कमेटी को अर्जी दे सकता है।