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पीयू और 188 कॉलेजों के स्टूडेंट्स के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी

Fri, 19 Feb 2016 09:45 AM IST
सुमित सिंह श्यौराण /अमर उजाला, चंडीगढ़
सुमित सिंह श्यौराण /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 19 Feb 2016 09:45 AM IST
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punjab university online data bank for millions of students

पंजाब यूनिवर्सिटी और उससे संबंद्ध 188 कॉलेजों के लाखों स्टूडेंट्स के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी। नई सुविधा मिल गई है। अब स्टूडेंट्स को परीक्षाओं की तैयारी के लिए पुराने प्रश्न पत्र के लिए भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। स्टूडेंट्स को अबएक क्लिक में सभी कक्षाओं (सेमेस्टर) के पुराने प्रश्न पत्र तुरंत ऑनलाइन मिल सकेंगे।

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शहर के सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कालेज (जीसी-11) की लाइब्रेरी ने विद्यार्थियों को पुराने प्रश्न पत्र उपलब्ध कराने के लिए खास प्रोजेक्ट शुरू किया है। पुराने प्रश्न पत्रों का ऑनलाइन बैंक तैयार करने वाला जीसी नॉर्थ रीजन का पहला कॉलेज बन जाएगा। उम्मीद है मार्च 2016 तक पुराने प्रश्न पत्र ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएंगे।
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कॉलेज लाइब्रेरी के इस खास प्रोजेक्ट के तहत पीयू और कॉलेज स्तर पर अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कर रहे 3 लाख से अधिक विद्यार्थियों को फायदा होगा। जीसी-11 चीफ लाइब्रेरियन रेणू ओबराय ने बताया कि स्टूडेंट्स की सुविधा के लिए जल्द ही पुराने प्रश्न पत्रों को कॉलेज वेबसाइट पर ऑनलाइन करने की तैयारी चल रही है।
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विद्यार्थियों को पुराने प्रश्न पत्र पाने में काफी दिक्कत आ रही थी। इसीलिए इनका बैंक तैयार करने की तैयारी की गई। लाइब्रेरी टीम 2013 से पोस्ट ग्रेजुएट और 2014-15 सत्र के अंडर ग्रेजुएट सेमेस्टर परीक्षाओं के प्रश्न पत्रों को डिजिटलाइज करने में जुटी है। इस प्रोजेक्ट को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।

पहले चरण में अंडर ग्रेजुएट स्तर के 30 विषयों के सभी पुराने प्रश्न पत्रों को डिजिटलाइज तरीके से अपलोड किया जाएगा। इसके बाद पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर कॉलेज में पढ़ाए जा रहे पांच विषयों के पुराने प्रश्न पत्र अपलोड होंगे। मार्च तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है।

1 लाख किताबों की मिलेगी जानकारी
जीसी-11 लाइब्रेरी शहर की सबसे पुरानी लाइब्रेरी है। 1953 में शुरू हुए कॉलेज की लाइब्रेरी में इस समय सबसे अधिक करीब 1 लाख 11 हजार किताबें हैं। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 2 लाख की लागत से टच स्क्रीन कियोस्क लगाया गया है। स्टूडेंट अब एक क्लिक में लाइब्रेरी में रखी किसी भी किताब की जानकारी हासिल कर सकते हैं। लाइब्रेरी में आरएफआईडी सिस्टम शुरू करने के लिए यूटी प्रशासन के पास प्रपोजल भेजने की तैयारी है।

1427 डिग्रियां लाइब्रेरी में

1958 से 2014 तक जीसी-11 से हजारों की संख्या में स्टूडेंट डिग्री ले चुके हैं। लेकिन अब भी 1427 ओल्ड स्टूडेंट की डिग्रियां कॉलेज लाइब्रेरी में सुरक्षित हैं। कॉलेज ने पुराने विद्यार्थियों तक उनकी डिग्री पहुंचाने के लिए खास अभियान शुरू किया है। सभी पुरानी डिग्री का डाटा कॉलेज वेबसाइट gc11.ac.in पर ऑनलाइन किया गया है। चीफ लाइब्रेरियन रेणू ओबराय के अनुसार कोई भी स्टूडेंट सुबह 10 से दोपहर 4 बजे तक डिग्री प्राप्त कर सकता है। लाइब्रेरी में सबसे पुरानी 1958 सत्र के तीन विद्यार्थियों की डिग्री भी रखी हुई है। डिग्री के बारे में जानकारी फोन नंबर 0172-27405997 (लाइब्रेरी एक्सटेंशन 427) पर ले सकते हैं।

स्टूडेंट लाइब्रेरी में पुराने प्रश्न पत्र की मांग करते थे। लेकिन ऐसा रिकॉर्ड नहीं था। लाइब्रेरी ने खास प्रोजेक्ट के तहत पुराने प्रश्न पत्रों को ऑनलाइन करने का काम शुरू किया हुआ है। इसके पूरा होने से सिर्फ कॉलेज ही नहीं पीयू और इससे एफिलिएटेड सभी 188 कॉलेजों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा।

-रेणू ओबराय,चीफ लाइब्रेरियन जीसी-11 चंडीगढ़

कालेज लाइब्रेरी स्टूडेंट फ्रेंडली होनी चाहिए। पुराने प्रश्न पत्रों को ऑनलाइन करने से स्टूडेंट्स को काफी लाभ मिलेगा। लाइब्रेरी विभाग का यह प्रयास सराहनीय है।
- प्रो.जेके सहगल ,प्रिंसिपल जीसी-11

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