{"_id":"ecb2e72431f83e5e4ada901561011dd6","slug":"punjab-university-meeting-of-pu-administration","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र ध्यान दें","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र ध्यान दें
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 Dec 2013 08:38 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित डा.एचएस जज इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज एंड हास्पिटल (डेंटल इंस्टीट्यूट) में बीडीएस प्रथम वर्ष की छात्रा द्वारा फेल होने के बाद आत्महत्या किए जाने के बाद पीयू प्रशासन की आंखे खुल गईं हैं।
सोमवार को इस मामले को लेकर पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई।
इसमें डेंटल इंस्टीट्यूट डायरेक्टर प्रो.आशीष जैन के अलावा पीयू के यूआईसीईईटी, यूआईएलएस, यूआईसीईटीयूआईपीएस जैसे प्रोफेशनल विभागों के डायरेक्टर ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में छात्रा की मौत पर शोक व्यक्त किया गया और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम कदम उठाने के प्रस्ताव भी रखे।
जानकारी अनुसार, लगातार री-अपीयर के बाद फेल होने वाले विद्यार्थियों की अब समय-समय पर काउंसलिंग होगी।
फेल होने की जानकारी अब सीधे विद्यार्थियों की जगह अभिभावकों को दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में फैसला लिया गया कि सभी प्रोफेशनल विभागों में ग्रिवेंस रिड्रेसल एंड काउंसिलिंग सेल स्थायी तौर पर स्थापित किए जाएंगे।
विज्ञापन
जिसके लिए विशेष तौर पर विभाग काउंसलर की नियुक्ति करेगा।
प्रथम वर्ष छात्रों के लिए तैनात होंगे मैंटर
पीयू के सभी प्रोफेशनल विभागों में प्रथम वर्ष विद्यार्थियों की दिक्कतों के लिए एक प्रोफेसर को मेंटर के तौर पर जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रोफेसर के साथ 8 से 10 विद्यार्थियों को अटैच किया जाएगा। हर हफ्ते विद्यार्थियों के साथ मेंटर की मीटिंग होगी। जो विद्यार्थियों की दिक्कतों को सुनेगा और हल निकालेगा।
जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी। बार-बार किसी विषय में फेल होने वाले विद्यार्थी की रिपोर्ट शिक्षक पहले विभागाध्यक्ष और फिर डीयूआई के पास भेजेगा।
विज्ञापन
सोमवार को इस मामले को लेकर पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में अहम बैठक हुई।
इसमें डेंटल इंस्टीट्यूट डायरेक्टर प्रो.आशीष जैन के अलावा पीयू के यूआईसीईईटी, यूआईएलएस, यूआईसीईटीयूआईपीएस जैसे प्रोफेशनल विभागों के डायरेक्टर ने भी हिस्सा लिया।
विज्ञापन
बैठक में छात्रा की मौत पर शोक व्यक्त किया गया और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कई अहम कदम उठाने के प्रस्ताव भी रखे।
जानकारी अनुसार, लगातार री-अपीयर के बाद फेल होने वाले विद्यार्थियों की अब समय-समय पर काउंसलिंग होगी।
फेल होने की जानकारी अब सीधे विद्यार्थियों की जगह अभिभावकों को दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में फैसला लिया गया कि सभी प्रोफेशनल विभागों में ग्रिवेंस रिड्रेसल एंड काउंसिलिंग सेल स्थायी तौर पर स्थापित किए जाएंगे।
विज्ञापन
जिसके लिए विशेष तौर पर विभाग काउंसलर की नियुक्ति करेगा।
प्रथम वर्ष छात्रों के लिए तैनात होंगे मैंटर
पीयू के सभी प्रोफेशनल विभागों में प्रथम वर्ष विद्यार्थियों की दिक्कतों के लिए एक प्रोफेसर को मेंटर के तौर पर जिम्मेदारी दी जाएगी।
प्रोफेसर के साथ 8 से 10 विद्यार्थियों को अटैच किया जाएगा। हर हफ्ते विद्यार्थियों के साथ मेंटर की मीटिंग होगी। जो विद्यार्थियों की दिक्कतों को सुनेगा और हल निकालेगा।
जरूरत पड़ने पर विद्यार्थियों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी। बार-बार किसी विषय में फेल होने वाले विद्यार्थी की रिपोर्ट शिक्षक पहले विभागाध्यक्ष और फिर डीयूआई के पास भेजेगा।