पंजाब यूनिवर्सिटी का स्टूडेंट्स के लिए बड़ा तोहफा
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पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने गरीब स्टूडेंट्स के हक में बड़ा फैसला लिया है। हर साल गरीब स्टूडेंट्स को दी जाने वाली विभिन्न स्कॉलरशिप कम लोन सब्सिडी के लिए फैमिली इनकम के स्लैब को दो गुणा से भी अधिक बढ़ा दिया है।
मेरिट कम मीन्स लोन सबसिडी स्कीम का लाभ पाने के लिए फैमिली इनकम स्लैब पहले दो लाख रुपये था। अब इसे बढ़ाकर 4.8 लाख रुपये कर दिया गया है। इस संबंध में फैसला वीरवार को पीयू बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक में लिया गया।
पीयू बोर्ड ऑफ फाइनेंस के सदस्यों ने बताया कि इस फैसले से सब्सिडी और स्कॉलरशिप पाने वाले स्टूडेंट्स की संख्या में दो से तीन गुना तक इजाफा हो सकता है। पीयू के कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की अध्यक्षता में वीरवार सुबह बोर्ड ऑफ फाइनेंस की बैठक हुई।
स्टूडेंट्स के लोन का 20 फीसदी पीयू वहन करेगा
कुलपति ने 2014-15 के लिए 206 करोड़ का बजट पेश किया। लेकिन, पीयू को बजट के तहत सिर्फ 176 करोड़ की ग्रांट जारी हुई। यूजीसी ने 176 करोड़ से अधिक धनराशि देने में असमर्थता जाहिर की है।
बकाया राशि पाने के लिए पीयू ने मामले को एमएचआरडी के पास भेजा है। बताया जा रहा है कि बोर्ड ऑफ फाइनेंस में जरूरतमंद स्टूडेंट्स द्वारा लिए गए लोन की राशि का 20 फीसदी तक पीयू वहन करेगा।
सब्सिडी राशि अधिकतम 25 हजार तक तय की गई है। फीस कमेटी ने अगले सत्र से पांच फीसदी फीस बढ़ाने का निर्णय लिया था। पीयू कैंपस में कई दिनों से छात्र इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे।
इस बारे में बैठक में फैसला लिया गया कि बढ़ाई गई फीस का अधिकतर हिस्सा स्टूडेंट्स के हितों के लिए ही खर्च किया जाएगा। बोर्ड ऑफ फाइनेंस ने पांच करोड़ रुपये बायो इनक्यूबेटर और 25 लाख रुपये इनोवेशन कलस्टर पर खर्च करने को मंजूरी दी है।
पीयू में कर्मचारियों का ऑडिट होगा
बैठक में बताया गया कि बोयोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउंसिल (बीआईआरएसी) ने 2.34 करोड़ ग्रांट जारी की है, लेकिन इसमें से प्रोजेक्ट पर सिर्फ 25 लाख ही खर्च हो पाया है। बैठक में पीयू के सभी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों का ऑडिट किया जाएगा। कर्मचारियों की जिन विभागों में जरूरत नहीं होगी, उन्हें दूसरे विभागों में ट्रांसफर करने का प्रपोजल तैयार होगा।
कोट्स
छात्र काउंसिल फीस बढ़ोतरी का विरोध करेगी। पीयू प्रशासन के पास इनकम बढ़ने के अन्य साधन भी हैं। स्टूडेंट्स पर फीस का बोझ बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है।
दिव्यांशु, प्रेसिडेंट पीयू स्टूडेंट काउंसिल
महंगाई रेट 10 से 12 फीसदी बढ़ा है। पीयू ने फीस में महज दो फीसदी का इजाफा करना का फैसला लिया है। जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए बोर्ड ऑफ फाइनेंस ने इनकम स्लैब को दो लाख से बढ़ाकर 4.80 लाख कर दिया है। स्टूडेंट्स का फीस बढ़ोतरी का विरोध करना सही नहीं है।
प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर, कुलपति पीयू