फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   punjab university going to change assistant professor recruitment rules

असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है तो पढ़ें नए नियम

Tue, 14 Apr 2015 01:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 14 Apr 2015 01:01 PM IST
विज्ञापन
punjab university going to change assistant professor recruitment rules

पीयू कैंपस और एफिलिएटेड 190 कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति के नियमों में बदलाव करने का फैसला हुआ है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत ही नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है। आगामी 20 अप्रैल को होनी वाली पीयू सिंडीकेट में इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है।

विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट डबल बेंच जस्टिस टीएस ठाकुर और आरएफ नरीमन ने 16 मार्च को असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए पीएचडी धारकों को नेट से छूट देने के फैसले को गलत ठहराया है। बैंच ने पीएचडी के साथ नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) अनिवार्य करने का फैसला दिया है।
विज्ञापन


पीयू सीनेट ने 20 दिसंबर 2011 को ही 31 दिसंबर 2009 से पहले पीएचडी कर चुके या रजिस्टर्ड स्कॉलर को नेट से छूट देने का फैसला किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद पीयू डीयूआई प्रो. एके भंडारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी की 9 अप्रैल 2015 को महत्वपूर्ण बैठक हुई। कमेटी ने पीयू और कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के तहत करने का सुझाव दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन प्रस्तावों पर भी लग सकती है मुहर

punjab university going to change assistant professor recruitment rules

पीयू सिंडीकेट में चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर धीरज गोस्वामी और चीफ विजिलेंस ऑफिसर के पद पर संजय सूद की नियुक्ति पर मुहर लग सकती है। मूल रूप से शिमला निवासी गोस्वामी इससे पहले बीएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट पद पर रह चुके हैं। इस पद की दौड़ में करीब 15 आवेदक शामिल थे।

चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के पद पर कई वर्षों से अस्थायी तौर पर पीयू प्रोफेसरों को चार्ज दिया जाता रहा है। चीफ विजिलेंस ऑफिसर के पद पर भी पहली बार नियुक्ति की जाएगी। इस पद के लिए पीएचडी करने वालों के लिए भी नेट होगा अनिवार्य

  • 20 अप्रैल को पीयू सिंडीकेट में इस प्रस्ताव पर लग सकती है मुहर
  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नियम बदलने की हो रही तैयारी
  • पीयू स्थित डेंटल कॉलेज के बीडीएस कोर्स में अगले सत्र से एआईपीएमटी रैकिंग के आधार पर दाखिला देने का प्रस्ताव।
  • पीयू स्थित पांच वर्षीय लॉ विभाग (यूआईएलएस) में सेंटर फॉर पोस्ट ग्रेजुएट लीगल स्टडीज स्थापित करने का प्रस्ताव।
  • जेएंडके विस्थापित स्टूडेंट्स के लिए दो अतिरिक्त सीटों का कोटा बढ़ाना।
  • जीएमसीएच-32 में बीएससी नर्सिंग (चार वर्षीय) नियमों में बदलाव।
  • यूबीएस प्रोफेसर मिनाक्षी मल्होत्रा को यूआईएचएमटी डायरेक्टर का अतिरिक्त चार्ज देने का मामला।
  • हाईकोर्ट से रिटायरमेंट की स्टे पर काम कर रहे कई प्रोफेसर को इंक्रीमेंट्स, डीए और हाउस रेंट जारी करने का प्रस्ताव।
  • डा. सुरेंद्र कुमार शर्मा (रिटायर्ड) को एडवाइजर कल्चरल एक्टिविटी के पद पर 31 जुलाई 2015 तक रखने का प्रस्ताव।
  • हिंदी विभाग की रिसर्च स्कॉलर कीर्ति को पीएचडी थीसिस जमा करने के लिए अनुमति का मामला।
  • पीयू स्थित हेल्थ सेंटर में कुछ डॉक्टरों की नियुक्ति का प्रस्ताव।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed