{"_id":"dd1bbb24546cbfbee380ea34f1bae118","slug":"punjab-university-chandigarh-year-ender-2015-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"यादें 2015: साल भर विवादों में रही पंजाब यूनिवर्सिटी ","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
यादें 2015: साल भर विवादों में रही पंजाब यूनिवर्सिटी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 28 Dec 2015 04:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ को एजुकेशन हब के तौर पर जाना जाता है। पंजाब यूनिवर्सिटी(पीयू) को विश्व स्तर पर रैंकिंग में देश की टॉप यूनिवर्सिटी का दर्जा मिल चुका है। पेक यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी(पेक) देश के टॉप इंजीनियरिंग कालेज में शुमार है। शहर के कालेज और स्कूल स्तर पर भी शहर के युवाओं ने 2015 में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
विज्ञापन
सिविल सर्विसेस रिजल्ट से लेकर आईआईटी और सीबीएसई रिजल्ट में शहर के युवाओं का शानदार प्रदर्शन रहा है। अमर उजाला ने 2015 में शहर की एजुकेशन एचीवमेंट को लेकर स्कूल,कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर का लेखा जोखा जांचने की कोशिश की है।
विज्ञापन
पीयू रैंकिंग में प्वाइंट हुए कम, साख भी हुई कम
2014 र्मे कई इंटरनेशनल एजेंसियों ने पीयू को देश की टॉप यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया। लेकिन 2015 में पीयू पुराने रिकार्ड को बरकरार नहीं रख सका। अधिकतर रैंकिंग में पीयू के प्वाइंट कम हुए और कुछ में पीयू को पीछे छोड़ दिया गया। 2015 की शुरुआत ही पीयू के लिए काफी खराब रही।
विज्ञापन
मार्च में यूजीसी द्वारा नेशनल असेसमेंट एंड एक्रिडेशन काउंसिल (नैक) इंस्पेक्शन में पीयू प्रशासन की जमकर किरकिरी हुई। नैक टीम के दौरे पर पीयू अधिकारियों द्वारा अलग-अलग फैक्ट्स पेश करने पर अधिकारियों को खरी खोटी सुननी पड़ी। नैक इंस्पेक्शन के बाद जारी रिजल्ट में पीयू को ए ग्रेड तो मिल गया, लेकिन पीयू का सीजीपीए 3.47 से गिरकर 3.35(.12) रह गया।
वीसी पर लगे गंभीर आरोप, साल भर पीयू पर विवादों का साया
2015 यूनिवर्सिटी के लिए विवादों से भरा रहा। कुलपति पर सिंडीकेट मेंबर और एक वरिष्ठ प्रोफेसर द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोपों से पीयू की छवि काफी खराब हुई। मामला देश के उपराष्ट्रपति और पीयू चांसलर डा.हामिद अंसारी तक पहुंच गया। मामले में यूजीसी और चांसलर स्तर तक हाई पावर कमेटी गठित की गई।
साल की अंतिम सीनेट में वीसी और अन्य उच्च स्तर के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत सीधे चांसलर के पास भेजने का प्रस्ताव पास करना पड़ा। उधर, पीयू में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा पीयू हॉस्टल के फंड में गड़बड़ी का शिकायत एमएचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी से लेकर चांसलर तक किए जाने पर भी पीयू प्रशासन की काफी किरकिरी हुई।
केंद्र सरकार ने रोकी 150 करोड़ ग्रांट
आर्थिक तौर पर भी 2015 पीयू के लिए अच्छा नहीं रहा। बजट के हिस्से की 150 करोड़ ग्रांट के लिए पीयू अधिकारी आठ महीने से दिल्ली के चक्कर काट रहे हैं। पीयू प्रशासन को कर्मचारियों के वेतन के लिए दूसरे फंड से पैसा उधार लेना पड़ रहा है। पीयू साउथ कैंपस स्थित 50 करोड़ की लागत से बनने वाला मल्टीपर्पज हॉल पैसे की कमी के कारण पूरा नहीं हो सका।
पीयू एग्जामिनेशन सिस्टम हुआ हाईटेक
2015 साल पीयू एग्जामिनेशन सिस्टम में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा सकता है। पीयू ने पहली बार सभी कक्षाओं के लिए सेमेस्टर सिस्टम शुरू कर दिया। पीयू और एफिलिएटेड 190 कालेजों का पूरा वर्किंग प्रोसेस ऑनलाइन कर दिया गया। पीयू को कागज मुक्त बनाने के लिए सभी तरह के आवेदन फार्म और रि-वैल्यूएशन सिस्टम को ऑनलाइन किया गया है। पहली बार स्टूडेंट को रोल नंबर, डेटशीट और रिजल्ट की जानकारी देने के लिए एसएमएस सिस्टम की शुरुआत पिछले साल में हुई है। दिसंबर में हुई सेमेस्टर परीक्षाओं में बीकॉम तीसरे वर्ष का प्रश्न पत्र आउट ऑफ सिलेबस होने का आरोप लगाया गया।
साल भर में पीयू की ये उपलब्धियां भी रही
पीयू टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में 501-600 ग्रुप में शुमार हुई।
-पीयू के इंटरनेशनल स्तर पर वेस्टर्न सिडनी (आस्ट्रेलिया) नॉटिंघम ट्रेंड यूनिवर्सिटी सहित कई विदेशी यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन हुआ।
-अमेरिका की गैटी फाउंडेशन ने पीयू गांधी भवन के लिए करीब 80 लाख की ग्रांट जारी की गई।
- प्रतिष्ठित नेचर जर्नल ने पीयू को साइंस इंस्टीट्यूट में टॉप रैंकिंग दी है।
-पीयू एल्युमनी और सनदीप कास्मेटिक लिमिटेड कैलिफोर्निया(यूएस) जसवंत गिल ने पीयू को 1.30 करोड़ की स्कॉलरशिप ऑफर की।
-पीयू ने च्वॉयस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम की शुरूआत की।
-एमएचआरडी ने पीयू में डिजाइन इनोवेशन सेंटर(डीआईसी) की शुरूआत को मंजूरी दी।
-खेलों में पीयू ने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी बैडमिंटन टाइटल जीता।
ये भी रही खास बातें
-करीब 40 साल तक पीयू सीनेट और सिंडीकेट से जुड़े रहे अनुभवी सदस्य सीनियर एडवोकेट जीके चतरथ का 11 सितंबर को देहांत हो गया।
-पीयू प्रशासन द्वारा सीनेटर त्रिलोक बंधु की सदस्यता निरस्त किए जाने पर पीयू सीनेट में जमकर हंगामा हुआ।
-2016 सीनेट चुनाव से पहले आखरी सिंडीकेट में यूनिवर्सिटी ग्रुप ने 6 के मुकाबले 9 सीटों पर जीत हासिल की।
-पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र काउंसिल में पहली बार स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन ऑफ इंडिया(सोई) ने प्रधान पद पर कब्जा किया।
तीन कालेजों को मिला ए ग्रेड
2015 शहर के कालेजों के लिए काफी अच्छा रहा। एक प्राइवेट और दो सरकारी कालेजों को नैक से ए ग्रेड मिला है। इन कालेज में सेक्टर-45 स्थित देव समाज कालेज फॉर वुमन, सेक्टर-42 स्थित जीसीजी और सेक्टर-46 स्थित गवर्नमेंट कालेज शामिल हैं।
शहर के पहले गवर्नमेंट कार्मस एंड बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कालेज को सेक्टर-50 में नई जगह पर शिफ्ट कर दिया गया। जीसीजीृ42 कालेज को डीएसटी से 70 लाख की ग्रांट जारी हुई। सेक्टर-11 स्थित पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कालेज(जीसी) के फिजिक्ल एजुकेशन विभाग में एमफिल और पीएचडी रिसर्च सेंटर को पीयू द्वारा मंजूरी दे दी गई है।
सरकारी स्कूलों में 1100 शिक्षकों की हुई नियुक्ति
शहर के सरकारी स्कूलों में 1100 से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति से शिक्षकों कमी काफी हद तक कम हो गई। यूटी प्रशासन ने शहर में साल भर में करीब 5 नए स्कूल खोले और 10 के करीब जल्द ही तैयार हो जाएंगे। शहर के प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे की 25 फीसदी सीटें भरने को लेकर यूटी प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।