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पीयू सिंडीकेट में पहुंचे नए चेहरे, जानने के लिए ये पढ़ें
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 10 Dec 2013 10:11 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) सिंडीकेट के हुए चुनाव में कई नए चेहरे पहुंचे। सिंडीकेट में कई ऐसे सदस्य भी आए हैं जिन्हें पहली बार सिंडीकेट में आने का मौका मिला है।
पिछली सिंडीकेट के सिर्फ दो सदस्य ही दोबारा सिंडीकेट में आए हैं जिनमें अशोक गोयल और दिनेश तलवार शामिल हैं। सिंडीकेट के दो मौजूदा सदस्य चुनाव हार गए जिनमें डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों और डॉ. आईएस संधू शामिल हैं।
पहली बार सिंडीकेट में पहुंचने वालों में डॉ. प्रीति महाजन, प्रो. बीएस भूप, संदीप कुमार, डॉ. पुनीत बेदी और डॉ. प्रीत मोहिंदर पाल सिंह शामिल हैं।
सिंडीकेट चुनाव में सबसे पहले आर्ट्स फैकल्टी की तीन सीटों के लिए चुनाव हुआ और तीनों सीटें गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीतीं।
इस फैकल्टी से चुनाव जीतने वालों में डीएवी कालेज-10 के प्रिंसिपल डॉ. बीसी जोसन, लुधियाना के सरकारी कालेज के वरिष्ठ लेक्चरर जगपाल सिंह और पीयू के लाइब्रेरी साइंस विभाग की डॉ. प्रीति महाजन शामिल हैं।
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डॉ. जोसन को 30, सिंह को 29 और डॉ.प्रीति महाजन को 33 वोट मिले। इस फैकल्टी से चुनाव हारने वालों में डॉ. अजय रंगा (22), डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों (20) और डॉ. केके धीमान (18) शामिल हैं।
इसके बाद साइंस फैकल्टी की तीन सीटों के लिए चुनाव हुआ। दो सीटें गठबंधन और एक गोयल गुट को मिली। सेक्टर-42 स्थित गवर्नमेंट कालेज फॉर गर्ल्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दलीप कुमार को इस फैकल्टी में सबसे ज्यादा 20 वोट मिले।
उनके अलावा एमसीएम डीएवी कालेज-36 की प्रिंसिपल डॉ. पुनीत बेदी और डीएवी कालेज-10 के शिक्षक डॉ. दिनेश तलवार भी चुनाव जीत गए। डॉ. बेदी को 17 और डॉ. तलवार को 18 वोट मिले।
चुनाव हारने वालों में केमिस्ट्री विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ.डीवीएस जैन (16), डॉ.आईएस संधू (14) और डॉ.वीके नारंग (9) शामिल हैं।
लैंग्वेज फैकल्टी से अशोक गोयल और डॉ. हरदिलजीत सिंह गोसल निर्विरोध चुनाव जीत गए हैं। लॉ फैकल्टी की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में बाजी गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों ने मारी।
वरिष्ठ सीनेट सदस्य गोपाल कृष्ण चतरथ 22 और फाजिल्का के संदीप कुमार 20 वोट लेकर चुनाव जीत गए। वहीं गोयल गुट के डॉ. एसएस सांघा को 12 और गुरप्रीत कौर को 10 वोट लेकर हार का सामना करना पड़ा।
मेडिकल साइंस फैकल्टी से पीयू के एसएसबीयूआईसीईटी के रिटायर्ड प्रोफेसर और पूर्व डीयूआई प्रो. एसके शर्मा और फार्मास्युटिकल साइंस विभाग के प्रोफेसर बीएस भूप निर्विरोध चुनाव जीत गए।
अंत में कंबाइंड फैकल्टी की तीन सीटों के लिए चुनाव हुआ। इस फैकल्टी के चुनाव में दो सीटें गोयल गुट को मिलीं। गोयल गुट की तरफ से प्रो. कर्मजीत सिंह (46) और डॉ. प्रीत मोहिंदर पाल सिंह (37) चुनाव जीत गए।
इनके अलावा डॉ. गुरदीप कुमार शर्मा भी 39 वोट लेकर चुनाव जीत गए। हारने वालों में गुरु गोबिंद सिंह कालेज फॉर वुमन-26 की प्रिंसिपल डॉ.चरणजीत कौर सोही (35), नरेश गौड़ (34) और मुनीष वर्मा (32) शामिल हैं।
प्रो. कर्मजीत सिंह ने फिर बनाया रिकार्ड
पीयू के यूबीएस के प्रोफेसर और एकेडमिक स्टाफ कालेज के निदेशक प्रो. कर्मजीत सिंह ने सोमवार को सिंडीकेट चुनाव में फिर एक नया रिकार्ड बनाया। चुनाव में प्रो. सिंह को सबसे ज्यादा वोट मिले।
उन्होंने कंबाइंड फैकल्टी से चुनाव लड़ा। कुल 73 सदस्यों ने वोट डाले जिनमें से 46 ने प्रो. सिंह को वोट डाले। इससे पहले सीनेट चुनाव में भी दो बार प्रो. सिंह सबसे ज्यादा वोट हासिल करने का रिकार्ड बना चुके हैं।
प्रो. सिंह ने कुछ साल पहले एकेडमिक कौंसिल के चुनाव में भी सबसे ज्यादा वोट हासिल किए थे।
खूब हुई क्रास वोटिंग :
सिंडीकेट चुनाव में हर बार की तरह इस बार भी खूब क्रास वोटिंग हुई। साइंस फैकल्टी में क्रास वोटिंग के कारण गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. डीवीएस जैन हार गए और डॉ. तलवार जीत गए।
इसके बाद कंबाइंड फैकल्टी के चुनाव के दौरान भी क्रास वोटिंग हुई। गठबंधन के जो उम्मीदवार चुनाव हारे हैं वे भी एक दो वोट से ही हारे हैं। क्रास वोटिंग का फायदा गोयल गुट के उम्मीदवारों को मिला।
नहीं पहुंचे बंसल :
पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट चुनाव में हर वार वोट डालने के लिए पहुंचने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद पवन कुमार बंसल इस बार वोट डालने नहीं पहुंच सके। बंसल दिल्ली में हैं। कई पदेन सदस्य भी वोट डालने नहीं पहुंचे।
हालांकि पंजाब के शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, चंडीगढ़ प्रशासन के उच्च शिक्षा निदेशक संदीप हंस भी वोट डालने पहुंचे। कई सीनेट सदस्यों के न आने का नुकसान गठबंधन गुट के उम्मीदवारों को हुआ।
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पिछली सिंडीकेट के सिर्फ दो सदस्य ही दोबारा सिंडीकेट में आए हैं जिनमें अशोक गोयल और दिनेश तलवार शामिल हैं। सिंडीकेट के दो मौजूदा सदस्य चुनाव हार गए जिनमें डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों और डॉ. आईएस संधू शामिल हैं।
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पहली बार सिंडीकेट में पहुंचने वालों में डॉ. प्रीति महाजन, प्रो. बीएस भूप, संदीप कुमार, डॉ. पुनीत बेदी और डॉ. प्रीत मोहिंदर पाल सिंह शामिल हैं।
सिंडीकेट चुनाव में सबसे पहले आर्ट्स फैकल्टी की तीन सीटों के लिए चुनाव हुआ और तीनों सीटें गठबंधन के उम्मीदवारों ने जीतीं।
इस फैकल्टी से चुनाव जीतने वालों में डीएवी कालेज-10 के प्रिंसिपल डॉ. बीसी जोसन, लुधियाना के सरकारी कालेज के वरिष्ठ लेक्चरर जगपाल सिंह और पीयू के लाइब्रेरी साइंस विभाग की डॉ. प्रीति महाजन शामिल हैं।
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डॉ. जोसन को 30, सिंह को 29 और डॉ.प्रीति महाजन को 33 वोट मिले। इस फैकल्टी से चुनाव हारने वालों में डॉ. अजय रंगा (22), डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों (20) और डॉ. केके धीमान (18) शामिल हैं।
इसके बाद साइंस फैकल्टी की तीन सीटों के लिए चुनाव हुआ। दो सीटें गठबंधन और एक गोयल गुट को मिली। सेक्टर-42 स्थित गवर्नमेंट कालेज फॉर गर्ल्स के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. दलीप कुमार को इस फैकल्टी में सबसे ज्यादा 20 वोट मिले।
उनके अलावा एमसीएम डीएवी कालेज-36 की प्रिंसिपल डॉ. पुनीत बेदी और डीएवी कालेज-10 के शिक्षक डॉ. दिनेश तलवार भी चुनाव जीत गए। डॉ. बेदी को 17 और डॉ. तलवार को 18 वोट मिले।
चुनाव हारने वालों में केमिस्ट्री विभाग के रिटायर्ड प्रोफेसर डॉ.डीवीएस जैन (16), डॉ.आईएस संधू (14) और डॉ.वीके नारंग (9) शामिल हैं।
लैंग्वेज फैकल्टी से अशोक गोयल और डॉ. हरदिलजीत सिंह गोसल निर्विरोध चुनाव जीत गए हैं। लॉ फैकल्टी की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में बाजी गठबंधन के दोनों उम्मीदवारों ने मारी।
वरिष्ठ सीनेट सदस्य गोपाल कृष्ण चतरथ 22 और फाजिल्का के संदीप कुमार 20 वोट लेकर चुनाव जीत गए। वहीं गोयल गुट के डॉ. एसएस सांघा को 12 और गुरप्रीत कौर को 10 वोट लेकर हार का सामना करना पड़ा।
मेडिकल साइंस फैकल्टी से पीयू के एसएसबीयूआईसीईटी के रिटायर्ड प्रोफेसर और पूर्व डीयूआई प्रो. एसके शर्मा और फार्मास्युटिकल साइंस विभाग के प्रोफेसर बीएस भूप निर्विरोध चुनाव जीत गए।
अंत में कंबाइंड फैकल्टी की तीन सीटों के लिए चुनाव हुआ। इस फैकल्टी के चुनाव में दो सीटें गोयल गुट को मिलीं। गोयल गुट की तरफ से प्रो. कर्मजीत सिंह (46) और डॉ. प्रीत मोहिंदर पाल सिंह (37) चुनाव जीत गए।
इनके अलावा डॉ. गुरदीप कुमार शर्मा भी 39 वोट लेकर चुनाव जीत गए। हारने वालों में गुरु गोबिंद सिंह कालेज फॉर वुमन-26 की प्रिंसिपल डॉ.चरणजीत कौर सोही (35), नरेश गौड़ (34) और मुनीष वर्मा (32) शामिल हैं।
प्रो. कर्मजीत सिंह ने फिर बनाया रिकार्ड
पीयू के यूबीएस के प्रोफेसर और एकेडमिक स्टाफ कालेज के निदेशक प्रो. कर्मजीत सिंह ने सोमवार को सिंडीकेट चुनाव में फिर एक नया रिकार्ड बनाया। चुनाव में प्रो. सिंह को सबसे ज्यादा वोट मिले।
उन्होंने कंबाइंड फैकल्टी से चुनाव लड़ा। कुल 73 सदस्यों ने वोट डाले जिनमें से 46 ने प्रो. सिंह को वोट डाले। इससे पहले सीनेट चुनाव में भी दो बार प्रो. सिंह सबसे ज्यादा वोट हासिल करने का रिकार्ड बना चुके हैं।
प्रो. सिंह ने कुछ साल पहले एकेडमिक कौंसिल के चुनाव में भी सबसे ज्यादा वोट हासिल किए थे।
खूब हुई क्रास वोटिंग :
सिंडीकेट चुनाव में हर बार की तरह इस बार भी खूब क्रास वोटिंग हुई। साइंस फैकल्टी में क्रास वोटिंग के कारण गठबंधन के उम्मीदवार डॉ. डीवीएस जैन हार गए और डॉ. तलवार जीत गए।
इसके बाद कंबाइंड फैकल्टी के चुनाव के दौरान भी क्रास वोटिंग हुई। गठबंधन के जो उम्मीदवार चुनाव हारे हैं वे भी एक दो वोट से ही हारे हैं। क्रास वोटिंग का फायदा गोयल गुट के उम्मीदवारों को मिला।
नहीं पहुंचे बंसल :
पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडीकेट चुनाव में हर वार वोट डालने के लिए पहुंचने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री और स्थानीय सांसद पवन कुमार बंसल इस बार वोट डालने नहीं पहुंच सके। बंसल दिल्ली में हैं। कई पदेन सदस्य भी वोट डालने नहीं पहुंचे।
हालांकि पंजाब के शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका, चंडीगढ़ प्रशासन के उच्च शिक्षा निदेशक संदीप हंस भी वोट डालने पहुंचे। कई सीनेट सदस्यों के न आने का नुकसान गठबंधन गुट के उम्मीदवारों को हुआ।