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पीयू में फीस देने को अब ज्यादा ढीली करनी होगी जेब

Mon, 27 Apr 2015 09:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 27 Apr 2015 09:16 AM IST
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Punjab University chandigarh fee hiked 5 percent

पंजाब यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को नए सेशन से पांच प्रतिशत अतिरिक्त फीस चुकानी होगी। सिंडीकेट में पास इस मुद्दे पर रविवार को पीयू में आयोजित सीनेट ने भी मुहर लगा दी। छह साल बाद पीयू में फीस की बढ़ोतरी हुई है। ढाई घंटों की लंबी जद्दोजहद के बाद फीस बढ़ोतरी का मुद्दा पास हुआ।

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दस घंटे तक चली सीनेट में इसके अलावा भी दो दर्जन से अधिक प्रस्ताव पास हुए। पीयू प्रशासन ने स्लैब सिस्टम के तहत फीस 500 से 1200 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव पेश किया था। जिससे प्रतिवर्ष 75 लाख रुपये का अतिरिक्त रेवेन्यू जेनरेट होगा। सिंडीकेट इसे पहले ही मंजूरी दे चुका थी। इसके बाद यह मुद्दा सीनेट में आया।
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कुछ सीनेटर्स ने फीस नहीं बढ़ाने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि पीयू को फीस नहीं बढ़ाकर रेवेन्यू का कोई ओर स्त्रोत ढूंढना चाहिए। पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल और पूर्व सांसद सतपाल जैन ने भी फीस नहीं बढ़ाने का तर्क दिया।
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सतपाल जैन ने कहा कि सिर्फ समृद्ध परिवारों के बच्चों को ही नहीं देखना चाहिए। आज भी कर्मचारी और मजदूर को 8 हजार रुपये वेतन मिलता है। ऐसे में वह एक लाख रुपये की फीस कैसे वहन करेगा।

सीनेटर प्रोफेसर केशव मल्होत्रा, अशोक गोयल, एसडी कॉलेज सेक्टर-32 के वाइस प्रिंसिपल जगवंत सिंह ने भी विरोध किया। प्रोफेसर रौनकी राम और कई अन्य सीनेटरों ने इसके समर्थन में अपनी दलीलें पेश कीं। जिसके बाद वाइस चांसलर अरुण कुमार ग्रोवर ने फीस बढ़ाने का फैसला लिया।

जब जैन ने बंसल पर साधा निशाना

भाजपा के सीनियर लीडर सतपाल जैन ने कई स्कूलों पर टेबल के नीचे से मोटी रकम फीस के रूप में वसूलने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व सांसद पवन बंसल का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा।


जिसके बाद बंसल ने सफाई भी दी और कहा कि दिल्ली पब्लिक स्कूल में फीस को लेकर कोई धांधली नहीं है। बल्कि ईडब्ल्यूएस कोटे की 25 प्रतिशत सभी सीटें भी भरी गई हैं। मामला उलझते देख वीसी ने मामला शांत कराया।

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