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पंजाब यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह में ये भी रहे खास

Tue, 11 Mar 2014 01:11 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/ अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 11 Mar 2014 01:11 AM IST
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Punjab University Chandigarh Convocation
पिता के हाथों से स्टेज पर पुरस्कार पाना किसी भी बेटी के लिए सम्मान की बात है। रविवार की पीयू दीक्षांत समारोह में भी कुछ ऐसा ही वाक्या हुआ।
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पीयू के रजिस्ट्रार प्रो. एके भंडारी की बेटी रंजना भंडारी को पीयू कुलपति प्रो.अरूण ग्रोवर और उनके साथ खड़े प्रो.एके भंडारी के हाथों से एम फार्मा में तीसरा स्थान पाने पर पुरस्कार मिला।

शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रंजना ने कहा कि उन्हें पिता के सामने सम्मान मिलना काफी अच्छा लगा। वह पिता को ही अपना रोल मॉडल मानती हैं। रंजना अब डा.अनुराग की देखरेख में पीएचडी कर रही हैं।
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उधर, दीक्षांत समारोह में राजीव गांधी नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति और पीयू लॉ विभाग के पूर्व चेयरपर्सन प्रो.पीएस जसवाल की बेटी विदुषी जसवाल को भी साइकोलॉजी में पीएचडी डिग्री प्रदान की गई।
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बेटी की हौसला अफजाई के लिए प्रो. पीएस जसवाल भी पहुंचे। विदुषी की मां प्रो. निष्ठा जसवाल पीयू के लॉ विभागाध्यक्ष हैं। प्रो.जसवाल की दो बेटियां हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें बेटियों पर नाज है।

पीयू के लॉ विभाग की टॉपर हिना अग्रवाल
पीयू के लॉ विभाग की होनहार छात्रा हिना अग्रवाल का नाम पुकारा गया तो पूरा हाल तालियों से गूंज उठा। पीयू के लॉ विभाग से एलएलएम के प्रथम सेमेस्टर की स्टूडेंट हिना अग्रवाल ने दीक्षांत समारोह में सबसे अधिक 6 मेडल जीते। तीनों साल टॉप करने पर उन्हें यह मेडल मिले।

पंजाब के लुधियाना शहर निवासी हिना का सपना जज बनना है। अपनी सफलता का श्रेय पिता रमेश और मां सीमा को देती हैं। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए अनुशासन और रुटीन में पढ़ाई पर फोकस करना है।

पढ़ना और खाली समय में खाना बनाना पसंद है। हिना अपने पूरे परिवार के साथ दीक्षांत समारोह में पहुंची। इनके पिता की लुधियाना में आरपी साइकिल उद्योग कंपनी है।

गोद में बेटी लेकर मेडल लेने पहुंची...
दीक्षांत समारोह में पूनम कुछ महीने की बेटी को गोद में लिए डा. हजारी प्रसाद द्विवेदी मेडल लेने पहुंची। उन्हें दीक्षांत समारोह में दो मेडल और 6 हजार का नगद पुरस्कार मिला।


लुधियाना के कोट मंगल निवासी पूनम की दो बेटियां पिया और प्रिंसी हैं। उन्होंने बताया कि शादी के बाद बीएड और अब एमएड रही हैं।

वाद विवाद और अन्य प्रतियोगिताओं में पूनम को स्कूल और कालेज स्तर पर 100 के करीब पुरस्कार मिल चुके हैं। अपनी सफलता में वह अपने पति सरदार परमिंदर सिंह का भी विशेष योगदान मानती हैं।
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