मोटी कमाई के लिए दाखिले की तारीख पर तारीख
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देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी और कालेजों द्वारा मोटी कमाई करने के लिए विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ खिलवाड़ हो रहा है। पीयू और एफिलिएटेड 193 कालेजों में नए सत्र में दाखिले के बाद एक महीने से कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं। लेकिन, लेट फीस से कमाई करने के लिए पीयू बार-बार दाखिले की तिथि बढ़ा देता है।
सूत्रों के अनुसार, पीयू हर साल लेट फीस से ही करोड़ों की कमाई करता है। लेट फीस का कुछ हिस्सा कालेज और बाकी पीयू के खाते में जाता है। जबकि सेशन शुरू होने के बाद भी दाखिला प्रक्रिया जारी रहने से विद्यार्थियों की पढ़ाई काफी प्रभावित होती है।
8 से 10 लाख की कमाई एक कालेज से
नए सत्र में 15 जुलाई तक सामान्य प्रक्रिया के तहत दाखिला दिया गया। इसके बाद प्रिंसिपल की अनुमति और 500 रुपये लेट फीस और फिर वीसी की अनुमति और 1890 रुपये लेट फीस के साथ दाखिला दिया गया। कालेजों से लेट फीस के तौर पर ही पीयू को एक कालेज से 8 से 10 लाख तक की कमाई हुई है।
क्लास में बैठने को जगह नहीं
हर साल पीयू कालेजों को हर साल दाखिले की सामान्य प्रक्रिया खत्म होने के बाद सभी कोर्स में 5 से 10 सीटें अतिरिक्त आवंटित करता है। इन सीटों से भी कालेज और पीयू लाखों की कमाई कर रहे हैं।
अतिरिक्त सीटों पर दाखिला हमेशा लेट फीस के साथ दिया जाता है। कालेजों के क्लास रूम में स्टूडेंट की संख्या अधिक होने से बैठने की जगह भी नहीं बन पाती।
सेमेस्टर सिस्टम से लगेगी रोक
पीयू ने कालेज स्तर पर भी अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर सेमेस्टर सिस्टम लागू कर दिया है। नियमों के तहत निर्धारित तिथि के बाद एकेडमिक सत्र में दाखिला नहीं किया जाएगा। कालेजों को शिक्षकों की अनुपात में ही विद्यार्थियों का दाखिला करना होगा। ऐसे में अगले सत्र से लेट फीस से कमाई पर रोक लगने की उम्मीद है।