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गुड न्यूज: अब अंग्रेजी में पीछे नहीं रहेंगे पंजाबी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 26 Mar 2015 12:13 PM IST
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पंजाब के बच्चे अब अंग्रेजी में भी पीछे नहीं रहेंगे। अंग्रेजी विषय अब पंजाब में बच्चों को छोटी कक्षा में ही पढ़ाया जाएगा। ये घोषणा पंजाब विधानसभा सत्र में हुई।
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बच्चों के भविष्य को लेकर पंजाब के विधायक बुधवार को बेहद संजीदा नजर आए। बात शुरू हुई थी पंजाबी में किताबें न उपलब्ध होने से।
बाद में यह चर्चा मौजूदा दौर में बच्चों को शुरुआत से ही अंग्रेजी पढ़ाने की अनिर्वायता तक जा पहुंची। विधायक चरनजीत चन्नी ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए कहा कि 11वीं व 12वीं कक्षा की साइंस व मेडिकल स्ट्रीम की किताबें पंजाबी में उपलब्ध नहीं हैं।
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डॉ. दलजीत चीमा ने माना कि दसवीं तक ही किताबें पंजाबी में उपलब्ध हैं। 11वीं, 12वीं की किताबों का पंजाबी अनुवाद करने के लिए पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को कहा गया है।
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साल 2017 से ये किताबें पंजाबी में उपलब्ध होने की उम्मीद हैं। चन्नी ने कहा कि या तो मेडिकल व इंजीनियरिंग की पढ़ाई पंजाबी में भी हो, या फिर सभी जगह अंग्रेजी ही कर दी जाए।
डॉ. चीमा ने कहा कि सभी राष्ट्रीय स्तर के एग्जाम अंग्रेजी में होते हैं। बहुत से स्कूल अंग्रेजी मीडियम हैं। बच्चे पढ़ सकते हैं। स्पीकर चरनजीत अटवाल ने भी इस विषय पर चिंता जताई।
पवन टीनू ने कहा कि अंग्रेजी मजबूत किए बगैर आने वाली पीढ़ी तरक्की नहीं कर सकेगी। तरलोचन सिंह ने कहा कि जब इस मुद्दे पर पूरा सदन एकमत है तो प्रस्ताव पास कर प्राइवेट स्कूलों की तरह सरकारी स्कूलों में भी शुरुआत से अंग्रेजी की पढ़ाई कराई जाए।
जस्टिस निर्मल सिंह का भी कहना था कि इसी वजह से पंजाब के बच्चे आइलेट्स में रह जाते हैं। उधर, परगट सिंह ने जमशेर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट क्लस्टर स्थापित करने पर दोबारा विचार की मांग की।