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अपने टीचरों को भी लूट रहे पब्लिक स्कूल

Thu, 02 Apr 2015 12:16 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 02 Apr 2015 12:16 PM IST
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public school molest teacher.

राजधानी देहरादून के निजी स्कूल अभिभावकों का ही नहीं अपने टीचरों का भी जमकर शोषण कर रहे हैं। स्कूल हर साल बच्चों की फीस तो बढ़ा देते हैं लेकिन अपने टीचरों का वेतन नहीं बढ़ाते हैं।

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शिक्षकों के वेतन में बढ़ोतरी से बचने के लिए हर साल पुराने शिक्षकों को हटकर नए भर्ती कर लेते हैं। निजी स्कूलों में वेतन के नाम पर तीन से आठ हजार का ही स्केल है। कुछ स्कूलों में तो शिक्षक को भर्ती करने से पहले उनसे तीन महीने का वेतन सिक्योरिटी मनी के रूप में जमा करा लिया जाता है।
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ऐसे में शिक्षक एक तरह से स्कूलों का बंधुआ होकर रह जाता है। जबकि, स्कूल जब चाहे शिक्षक को बाहर का रास्ता दिखा देता है। छोटे स्कूलों में शिक्षकों को 3 से 5 हजार तो बड़े स्कूलों में 8 हजार रुपए प्रतिमाह से ज्यादा वेतन नहीं दिया जाता है।
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इसके अलावा और कोई सुविधा भी नहीं दी जाती है। यहां पढ़ाने वाले टीचर हमेशा असुरक्षित महसूस करते हैं। शिक्षकों को वेतन देने के मामले में स्कूल सारे नियम कायदे ताक पर रख देते हैं। कई स्कूलों में तो हर साल शिक्षक बदल दिए जाते हैं और उनकी सिक्योरिटी मनी भी वापस नहीं की जाती है।

अनुमान के मुताबिक पांच साल में स्कूलों ने शुल्क में औसतन दस हजार रुपये की बढ़ोतरी की है, लेकिन शिक्षकों का वेतन एक से दो हजार रुपये ही बढ़ाएं हैं।

ट्यूशन की कमाई स्कूल को
एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि नौकरी देते समय स्कूल ने अजब शर्त रख दी। बताया गया कि पांच हजार रुपए प्रतिमाह वेतन के साथ ट्यूशन पढ़ाने की पूरी छूट मिलेगी। लेकिन ट्यूशन की कमाई का 30 प्रतिशत हिस्सा स्कूल को देना होगा।

समाज सेवा का बोझ बच्चों पर
फीस ही नहीं स्कूल की समाज सेवा का बोझ भी अभिभावकों को उठाना पड़ रहा है। सेंट ज्यूड्स स्कूल ने उत्तरकाशी के आपदाग्रस्त गांव सतोरी को गोद लिया है।

वहां भेजने के लिए आटा, दाल, चावल, कपड़े व अन्य सामान बच्चों से मंगाया जाता है। स्कूल प्रबंधक आरवी गार्डनर का कहना है कि बच्चों में केवल दान की भावना जागृत करने के लिए सामान मंगाया जाता है। इसके लिए किसी को बाध्य नहीं किया जाता है। जिसकी मर्जी होता है वह देता है।

जीआरडी में अभिभावकों का हंगामा
जीआरडी एकेडमी निरंजनपुर पर मनमानी का आरोप लगाते हुए भाजयुमो कार्यकर्ताओं और अभिभावकों ने बुधवार को जमकर हंगामा किया। आरोप लगाया कि अभिभावकों को किताबें और यूनिफार्म निश्चित दुकान से खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है।


अभिभावकों ने कहा कि स्कूल हर वर्ष ट्यूशन और वार्षिक फीस में मनमानी बढ़ोतरी कर रहा है। बाद में अभिभावकों ने प्रधानाचार्य राजन सेठी से मुलाकात कर मांगपत्र सौंपा। उन्होंने शनिवार तक उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। प्रदर्शन में भाजयुमो नेता राजीव शर्मा, अजय गुजराल, पंकज मित्तल, अभिषेक मित्तल, जोगिन्द्र सिंह विनय गोयल आदि शामिल रहे।

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