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पीयू: बैठक हुई नहीं तो कहां गए 50 हजार
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 14 Dec 2013 08:39 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) सिंडीकेट की इस साल तीन बैठकें नहीं हुई। बैठकें न होने के बाद भी पीयू के 50 हजार रुपये खर्च हो गए।
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यह जानकारी पीयू ने आरटीआई के जवाब में दी है। सिंडीकेट की एक बैठक को सदस्यों के पहुंचने के बाद स्थगित किया गया जबकि एक बैठक का सिंडीकेट सदस्यों ने बहिष्कार किया।
एक बैठक में कम सदस्यों के आने के कारण बैठक नहीं हो सकी थी। इसके बाद भी कई सिंडीकेट सदस्यों को पीयू प्रशासन ने ट्रैवलिंग अलाउंस (टीए) दिए और इनको गेस्ट हाउस में ठहराया गया और खाने-पीने पर रुपये खर्च किए गए।
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सिंडीकेट की 27 जुलाई को बैठक में एजेंडा पूरा नहीं हो सका था। बैठक में तय हुआ था कि बचे हुए एजेंडे पर विचार के लिए अगली बैठक 9 अगस्त को बुलाई जाएगी।
9 अगस्त को जब सिंडीकेट सदस्य बैठक में पहुंच गए तो उन्होंने कहा कि उस दिन ईद होने के कारण बैठक को स्थगित कर देनी चाहिए।
इसके बाद बैठक को स्थगित कर दिया और अगली बैठक 13 अगस्त को हुई। ऐसे में अगस्त में सिंडीकेट की तीन बैठकें हुई। तीसरी 24 अगस्त को हुई।
9 अगस्त को बैठकर में पहुंचे जिन सदस्यों को टीए दिया गया उनमें डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों (1760 रुपये), हरप्रीत सिंह दुआ (2160 रुपये), आईएस संधू (6620 रुपये), डॉ. जगवंत सिंह (200 रुपये), डॉ. आरपीएस जोश (200 रुपये), आरएस झांजी (1760 रुपये) और डॉ. तरलोक बंधू (2160 रुपये) शामिल हैं।
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21 सितंबर को सिंडीकेट सदस्यों ने वीसी के साथ विवाद होने पर बैठक का बहिष्कार कर दिया था। बहिष्कार होने के बाद भी पीयू ने उन्हें टीए दिया।
डॉ. दलबीर सिंह ढिल्लों, डॉ. दिनेश तलवार, आईएस संधू, डॉ. आरपीएस जोश, आरएस झांजी और तरलोक बंधू को टीए देने पर पीयू ने लगभग 16 हजार खर्च कर दिए।
इस बैठक के बाद कुलपति ने 28 सितंबर को सिंडीकेट की बैठक बुलाई। बैठक में सिर्फ चार सदस्य ही पहुंचे। इनमें से एक सदस्य को ही पीयू ने टीए दिया।
गोयल नहीं लेते हैं टीए
सीनेट के वरिष्ठ अशोक गोयल पीयू से सिंडीकेट और सीनेट की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए टीए नहीं लेते। सिंडीकेट में हालांकि 17 सदस्य हैं, लेकिन पीयू कैंपस में रहने वाले सदस्यों को टीए नहीं दिया जाता है।
सिंडीकेट के पदेन सदस्य भी टीए नहीं लेते। इसके अलावा कुछ और भी सदस्य हैं जो कि पीयू से टीए क्लेम नहीं करते।
यह है नियम
पीयू के नियमों के अनुसार सिंडीकेट और सीनेट की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए सदस्यों को 10 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से टीए दिया जाता है।
उन्हें पीयू के गेस्ट हाउस में ठहराने का खर्चा भी पीयू उठाता है। पीयू सीनेट के जो सदस्य पटियाला, लुधियाना, नई दिल्ली और अबोहर से बैठक में हिस्सा लेने के लिए आते हैं उन्हें 10 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से आने और जाने का अलाउंस दिया जाता है।
इस साल 15 बैठकें हुईं
2013 में सिंडीकेट की 15 बैठकें हुई। नवंबर और जून महीने में सिंडीकेट की बैठकें नहीं हुईं। आमतौर पर साल में सिंडीकेट की 12 बैठकें होती हैं।
इस साल दो महीनों में बैठक न होने के बाद भी 15 बैठकें हुईं। इसकी वजह एक बैठक में एजेंडा का खत्म न होना था। मार्च, अप्रैल और मई में सिंडीकेट की दो बैठकें हुई जबकि अगस्त में तीन और सितंबर में दो बैठकें बुलाई गईं। जनवरी, फ्रवरी, जुलाई, अक्तूबर और दिसंबर में एक-एक बैठक हुई।