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Hindi News ›   Chandigarh ›   PU Management Carelessness about Smart Classrooms Project

लाखों खर्च दिए पर तैयार नहीं हुए स्मार्ट क्लासरूम

Wed, 04 Jun 2014 01:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 04 Jun 2014 01:57 PM IST
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PU Management Carelessness about Smart Classrooms Project

पीयू में दो सालों से स्मार्ट क्लास रूम शुरू करने का प्रोजेक्ट अधर में लटका है। पीयू के पूर्व कुलपति प्रो.आरसी सोबती ने पर्स ग्रांट के तहत पीयू कैंपस की सभी बिल्डिंग में स्मार्ट क्लासरूम तैयार करने का प्रोजेक्ट तैयार किया था। यह काम पायलट प्रोजेक्ट तहत शुरुआत में कुछ विभागों में शुरू किया गया।

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लाखों रुपये की लागत से इसके लिए सामान भी खरीदा गया। वह भी बर्बाद हो रहा है। 26 मई को पीयू सीनेट में लॉ विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनेटर डा. दिनेश कुमार ने सामान खरीदने पर लाखों खर्च कर उसका प्रयोग नहीं होने का मुद्दा उठाया।
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उन्होंने बताया कि विभागों के स्टोर रूम में स्मार्ट क्लासरूम का सामान जंग खा रहा है। कई अन्य सीनेटर ने भी इस मामले में कुलपति से तुरंत कार्रवाई करने की मांग की।
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मामले की जांच के लिए कमेटी गठित

पीयू कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर ने सीनेट में स्मार्ट क्लासरूम मामले की जांच को लेकर कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। साथ ही प्रो.अरुण ग्रोवर ने कहा कि आज के दौर में हर विभाग में एक स्मार्ट क्लास रूम होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि आगामी सत्र में सभी विभागों में स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। पूरे मामले की रिपोर्ट कुलपति को कमेटी सौंपेगी।

सरकारी कालेजों में तैयार हुए स्मार्ट क्लास रूम
उच्च शिक्षा विभाग शहर के सभी 5 सरकारी कालेजों में 5 से 7 स्मार्ट क्लासरूम तैयार कर चुका है। स्मार्ट क्लास रूम की शुरुआत जीसीजी-11 से हुई थी। उधर, सेक्टर-10 स्थित डीएवी कालेज प्रिंसिपल डा. बीसी जोसन ने बताया कि 2014 सत्र से कालेज के प्रत्येक विभाग में एक स्मार्ट क्लास रूम तैयार करने का प्रपोजल फाइनल हो चुका है। जल्द ही इसका काम शुरू हो जाएगा।

दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी रैंकिंग पाने के लिए पीयू को स्मार्ट क्लास रूम जैसे नए प्रयोग करने होंगे। पीयू के कई विभागों में स्मार्ट क्लासरूम का सामान स्टोर में पड़ा हुआ है। सिर्फ चंद कमरों में बड़ी स्क्रीन लगी हुई है। मामले में पीयू प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।

डा. दिनेश कुमार, सीनेटर, पंजाब यूनिवर्सिटी

स्मार्ट क्लासरूम अब स्कूल कालेज स्तर पर ही आम बात हो चुकी है। पीयू प्रशासन विद्यार्थियों को हाइटेक सुविधा देने के नाम पर करोड़ों फीस के तौर पर वसूलता है। हर विभाग में स्मार्ट क्लास रूम तैयार होना चाहिए। मामले पर जल्द कुलपति को ज्ञापन दिया जाएगा।
चंदन राणा, एनएसयूआई नेता और पूर्व स्टूडेंट काउंसिल प्रधान

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