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पीयू के अगले डीयूआई के नाम पर सस्पेंस
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 30 Nov 2013 09:10 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की डीन यूनिवर्सिटी इंस्ट्रक्शंस (डीयूआई) प्रो. मधु राका शुक्रवार को सेवानिवृत्त हो गईं। लेकिन पीयू का अगला डीयूआई कौन होगा, इसे लेकर सस्पेंस बरकरार रहा।
अगले डीयूआई के आर्डर न निकलने से अब सोमवार को ही यह स्पष्ट होगा कि पीयू का अगला डीयूआई कौन होगा? इतना तय है कि पीयू के अगला डीयूआई प्रो. एके भंडारी या प्रो. ललित बंसल में से कोई एक होगा।
कुलपति के अवकाश पर होने पर डीयूआई ही कार्यवाहक कुलपति के तौर पर काम करते हैं। ऐसे में पीयू में डीयूआई का पद काफी महत्वपूर्ण होता है। पीयू में वरिष्ठतम प्रोफेसर को ही डीयूआई बनाए जाने की प्रथा है और इस समय लॉ विभाग के प्रोफेसर पीएस जसवाल वरिष्ठम प्रोफेसर हैं।
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प्रो. जसवाल पीयू से अवकाश पर चल रहे हैं और अभी वह पटियाला स्थित राजीव गांधी लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। पीयू प्रशासन ने प्रो. जसवाल को पत्र भेजकर यह पूछा है कि वे डीयूआई के पद पर आना चाहते हैं या नहीं?
सूत्रों का कहना है कि प्रो. जसवाल डीयूआई के पद पर नहीं आना चाहते हैं और अगर वह इस पद पर आने से मना कर देते हैं तो यह पद अगले वरिष्ठतम शिक्षक को ऑफर किया जाएगा।
वरिष्ठता में प्रो. जसवाल के बाद अगला नंबर पीयू के रजिस्ट्रार और गणित के प्रोफेसर एके भंडारी का है। प्रो. भंडारी ने डीयूआई बनने में दिलचस्पी दिखाई है। अगर प्रोफेसर भंडारी को डीयूआई नियुक्त किया जाता है तो रजिस्ट्रार का पद भी खाली हो जाएगा। ऐसे में पीयू के कुलपति को रजिस्ट्रार के पद का अतिरिक्त कार्यभार भी किसी को देना होगा। सूत्रों का कहना है कि प्रो. भंडारी को डीयूआई नियुक्त कर उन्हें रजिस्ट्रार का अतिरिक्त कार्यभार दिया जा सकता है।
अगर प्रो.भंडारी पीयू के डीयूआई बन जाते हैं तो वह पीयू के इतिहास में एक मात्र ऐसे शिक्षक होंगे जो विभागाध्यक्ष होने के साथ साथ रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, डीन कालेज डेवलपमेंट कौंसिल और डीयूआई के पद पर रहे हो। प्रो. भंडारी के बाद वरिष्ठता में अगला नंबर मौजूदा डीन रिसर्च प्रो. ललित बंसल का है। प्रो. बंसल के बाद वरिष्ठता में अगला नंबर यूबीएस के प्रो. दिनेश गुप्ता का है।
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अगले डीयूआई के आर्डर न निकलने से अब सोमवार को ही यह स्पष्ट होगा कि पीयू का अगला डीयूआई कौन होगा? इतना तय है कि पीयू के अगला डीयूआई प्रो. एके भंडारी या प्रो. ललित बंसल में से कोई एक होगा।
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कुलपति के अवकाश पर होने पर डीयूआई ही कार्यवाहक कुलपति के तौर पर काम करते हैं। ऐसे में पीयू में डीयूआई का पद काफी महत्वपूर्ण होता है। पीयू में वरिष्ठतम प्रोफेसर को ही डीयूआई बनाए जाने की प्रथा है और इस समय लॉ विभाग के प्रोफेसर पीएस जसवाल वरिष्ठम प्रोफेसर हैं।
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प्रो. जसवाल पीयू से अवकाश पर चल रहे हैं और अभी वह पटियाला स्थित राजीव गांधी लॉ यूनिवर्सिटी के कुलपति हैं। पीयू प्रशासन ने प्रो. जसवाल को पत्र भेजकर यह पूछा है कि वे डीयूआई के पद पर आना चाहते हैं या नहीं?
सूत्रों का कहना है कि प्रो. जसवाल डीयूआई के पद पर नहीं आना चाहते हैं और अगर वह इस पद पर आने से मना कर देते हैं तो यह पद अगले वरिष्ठतम शिक्षक को ऑफर किया जाएगा।
वरिष्ठता में प्रो. जसवाल के बाद अगला नंबर पीयू के रजिस्ट्रार और गणित के प्रोफेसर एके भंडारी का है। प्रो. भंडारी ने डीयूआई बनने में दिलचस्पी दिखाई है। अगर प्रोफेसर भंडारी को डीयूआई नियुक्त किया जाता है तो रजिस्ट्रार का पद भी खाली हो जाएगा। ऐसे में पीयू के कुलपति को रजिस्ट्रार के पद का अतिरिक्त कार्यभार भी किसी को देना होगा। सूत्रों का कहना है कि प्रो. भंडारी को डीयूआई नियुक्त कर उन्हें रजिस्ट्रार का अतिरिक्त कार्यभार दिया जा सकता है।
अगर प्रो.भंडारी पीयू के डीयूआई बन जाते हैं तो वह पीयू के इतिहास में एक मात्र ऐसे शिक्षक होंगे जो विभागाध्यक्ष होने के साथ साथ रजिस्ट्रार, परीक्षा नियंत्रक, डीन कालेज डेवलपमेंट कौंसिल और डीयूआई के पद पर रहे हो। प्रो. भंडारी के बाद वरिष्ठता में अगला नंबर मौजूदा डीन रिसर्च प्रो. ललित बंसल का है। प्रो. बंसल के बाद वरिष्ठता में अगला नंबर यूबीएस के प्रो. दिनेश गुप्ता का है।