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फिर से सिंडीकेट में जाएगा नियुक्तियों का मामला

Mon, 09 Dec 2013 11:12 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़।
अमर उजाला, चंडीगढ़। Updated Mon, 09 Dec 2013 11:12 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की सीनेट ने रविवार को सिंडीकेट द्वारा 8 अक्तूबर को लिए गए दो बड़े फैसलों को पलटते हुए उन्हें वापस सिंडीकेट को विचार के लिए भेज दिया।
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इन दोनों ही मुद्दों पर सीनेट में करीब ढाई घंटे तक जबरदस्त हंगामा भी हुआ। सीनेट ने कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर की पत्नी प्रो. नीरा ग्रोवर की संगीत विभाग में हुई नियुक्ति को एक साल की एक्सटेंशन देने संबंधी मामले को सिंडीकेट को विचार के लिए रेफर कर दिया।
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साथ ही पीयू के लोक प्रशासन विभाग में दो और यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) के लोक प्रशासन विभाग में हुई दो सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति के मामले को भी सिंडीकेट को वापस भेज दिया।

सीनेट एजेंड आई-7 के तहत लोक प्रशासन के चार पदों के लिए हुए इंटरव्यू में चुने गए उम्मीदवारों को ज्वाइन कराने का मामला सीनेटर एचएस लक्की ने उठाया।

उन्होंने कहा कि सभी उम्मीदवार अपनी योग्यता के आधार पर चुने गए हैं। ऐसे में इसे रंजिश का आधार बनाकर चारों कैंडीडेट के भविष्य से खिलावाड़ नहीं करना चाहिए।


अनु चतरथ, सत्यपाल जैन, मुकेश अरोड़ा, प्रो.रौनकी राम ने भी उनका समर्थन किया। प्रस्ताव के विरोध में अशोक गोयल ने अपने तर्क रखे।

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आखिर में मामले को आगामी सिंडीकेट में फिर से लाने पर सहमति बनी। इसी तरह पीयू कुलपति की पत्नी प्रो. नीरा ग्रोवर को एक्टेंशन देने का मामला भी सिंडीकेट में दोबारा लाने पर आम राय बनी।

टकराव के कारण नहीं मिली थी एक्सटेंशन
वीसी से टकराव के कारण सिंडीकेट ने 8 अक्तूबर को हुई बैठक में प्रो. नीरा ग्रोवर को एक साल की एक्सटेंशन को मंजूरी नहीं दी।

सिंडीकेट ने लोक प्रशासन विषय में हुई सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति पर विचार करने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया था कि जनवरी में हुई सिंडीकेट की बैठक में कुलपति ने यह मुद्दा वापस ले लिया था।
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