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एक महीने बाद फिर आई आंदोलन की याद

Sat, 27 Dec 2014 01:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 27 Dec 2014 01:41 PM IST
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protest of himachal pradesh university employee union.

यूनिवर्सिटी के सैकड़ों कर्मचारियों का नेतृत्व संभालकर बैठी जेसीसी बार-बार कमेटियों का गठन करने के बावजूद अपनी लटकी मांगों को अभी तक पूरा नहीं करवा पाई है। अब जेसीसी एक बार फिर से आंदोलन पर उतरने को तैयार है। बीस नवंबर को स्थगित आंदोलन के बाद एक बार फिर से जेसीसी संघर्ष की राह पर है।

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जेसीसी में शामिल कर्मचारी संगठनों के दबाव के बाद अब जेसीसी दोबारा आंदोलन करने का ऐलान कर रही है लेकिन परिसर में लागू धारा-144 के बीच आंदोलन हो भी पाएगा इस पर संशय है। जेसीसी ने विवि प्रशासन पर कर्मचारियों को गुमराह करने, जनार्था कमेटी की मांग पर मांगों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने की मांग की है।
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इसके साथ ही जेसीसी के अध्यक्ष डा. हितेश्वर ठाकुर, पूर्व कोर्ट सदस्य तेजराम शर्मा, नागेंद्र गुप्ता, लाभ चंद शर्मा, महासचिव गीता राम ठाकुर और राजेश ठाकुर का आरोप है कि प्रशासन चहेतों को पदोन्नति का तोहफा दे रहा है। पदोन्नति में वरिष्ठता को दरकिनार किया जा रहा है। इसके साथ ही कर्मचारियों के आंदोलन को दबाने के लिए परिसर से न तो धारा-144 हटाई जा रही है और न ही ईसी कोर्ट सदस्य के चुनाव करवाए जा रहे हैं।
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कहा कि कर्मचारियों में रोष है कि जेसीसी के बैनर तले अब आंदोलन पर उतरने को तैयार हो गए है। कहा कि नवंबर में हुई जनारथा कमेटी की बैठक में मांगों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई इसकी रिपोर्ट विवि नहीं सौंप रहा। जेसीसी ने 20 नवंबर 2014 को कर्मचारियों का धरना विवि से मिले आश्वासन के बाद स्थगित किया था।

कहा कि विवि प्रशासन मुख्यमंत्री के समक्ष गलत तथ्य पेश कर गुमराह कर रहा है। कर्मचारी चुनाव करवाने को परिसर से धारा-144 को हटाने की मांग को लेकर डीसी से मिल चुके हैं। जल्द ही जेसीसी बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी।


ये हैं कर्मचारियों की लंबित मांगें

पीपीए को नियमों के मुताबिक जारी करना, विवि को सरकार से अतिरिक्त अनुदान दिलवाना, पेंशन कार्पस फंड को सुदृढ़ करना, लीगल और आरटीआई सेल का गठन करना, सभी श्रेणियों के रिक्त पदों को भरना, परीक्षा शाखा का
कंप्यूटरीकरण करना, परीक्षा शाखा में अतिरिक्त स्टाफ मुहैया करवाना, सभी श्रेणियों की भर्ती और पदोन्नति समिति की बैठकें करवाना शामिल है।

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