हजारों ने छोड़ी UPSC परीक्षा, एडमिट कार्ड जलाए
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दिल्ली में यूपीसीएसी की प्रारंभिक परीक्षा से सी-सैट हटाने के मुद्दे पर सरकार से हारे कुछ परीक्षार्थियों ने परीक्षा का बहिष्कार किया। उन्होंने केंद्रों पर अपने एडमिट कार्ड जला दिए। हालांकि ज्यादातर परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, कुछ परीक्षार्थियों ने पीतमपुरा, करोलबाग और आरकेपुरम स्थित परीक्षा केंद्रों के बाहर एडमिट कार्ड जला दिए और वहां से चले गए। वहीं, कुछ छात्र परीक्षा हॉल तो गए, लेकिन पेपर नहीं दिया। उन्होंने परीक्षा न देकर अपना विरोध जताया।
इस बार यह भी खास रहा कि परीक्षा में डिसीजन मेकिंग के प्रश्न नहीं पूछे गए। परीक्षार्थियों ने कहा कि डिसीजन मेकिंग के करीब 22 अंकों के प्रश्न नहीं आए, जबकि इसमें सी-सैट का पेपर कठिन था।
कारण यह था कि इसमें गणित के सवाल अधिक थे, जिन्हें मानविकी के छात्रों के लिए करना मुश्किल था। छात्रों का आरोप है कि इस बार अंग्रेजी के प्रश्नों से राहत तो मिली, लेकिन पेपर में गणित और रीजनिंग के सवाल बढ़ा दिए गए। इससे कला संकाय से आने वाले छात्रों को मुश्किल हुई।
यूपीएससी की परीक्षा में 70 फीसदी परीक्षार्थी अनुपस्थित
फरीदाबाद जिले में पहली बार आयोजित संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में करीब 70 प्रतिशत परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गये। जिले में 38 परीक्षा केंद्रों पर 14,584 बच्चों को शामिल होना था। लेकिन परीक्षा देने के लिए संपूर्ण विद्यार्थी ही नहीं पहुंचे।
इस बात को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी हैरान रहे। हालांकि परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो जाने पर अफसरों ने राहत की सांस अवश्य ली है। ज्ञात हो कि रविवार को जिले में आईएएस की प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन किया गया। इसके लिए जिले में 38 परीक्षा केंद्र बनाए गये थे।
इनमें 14,584 परीक्षार्थियों को शामिल होना था। परीक्षा के नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त दिनेश यादव ने बताया कि पहली पाली की परीक्षा में कुल 4713 परीक्षार्थी शामिल हुए थे। जबकि दूसरी पाली में इनकी संख्या घटकर 4666 तक पहुंच गई। इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों का अनुपस्थित होना वास्तव में चिंता का विषय है। कारण क्या है, इस पर कुछ भी कहना मुश्किल है।
उन्होंने बताया कि सभी सेंटरों पर निर्धारित समय में ही प्रश्न-पत्र पहुंच गए थे और समय पर परीक्षार्थियों को प्रश-्नपत्र उपलब्ध भी कराए गए थे। किसी भी सेंटर से किसी प्रकार की गड़बड़ी की शिकायत नहीं आई है। पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई है।
नोएडा में 55 फीसदी छात्रों ने छोड़ी परीक्षा
नोएडा में रविवार को आयोजित संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रारंभिक परीक्षा 55 फीसदी अभ्यर्थियों ने छोड़ दी। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के 33 केंद्रों पर 14 हजार 754 परीक्षार्थी रजिस्टर्ड थे, लेकिन पहली शिफ्ट में सिर्फ 6702 और दूसरी शिफ्ट में सिर्फ 6630 आवेदकों ने ही परीक्षा दी। कुल 8124 आवेदक गैरहाजिर रहे। दो शिफ्ट में हुई परीक्षा शांतिपूर्ण रही। दूसरा पेपर मुश्किल रहा।
दरअसल, नोएडा में यूपीएससी की परीक्षा पहली बार आयोजित हुई है। रविवार को सुबह 9:30 से 11:30 पहला पेपर हुआ। जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण रही। पहला पेपर बेहतर रहा और केंद्रों पर छात्र खुश नजर आए, लेकिन 2:30 से 4:30 बजे की शिफ्ट में हुए पेपर ने छात्रों के पसीने छुड़ा दिए।
परीक्षार्थियों के मुताबिक पैटर्न में बदलाव के चलते पेपर-2 काफी मुश्किल रहा। पेपर लंबा होने के कारण ज्यादातर छात्रों के सवाल छूट गए। पहले पेपर में 200 अंकों के 100 सवाल और दूसरे पेपर में 200 अंकों के 80 सवाल पूछे गए। दोनों ही पेपर में निगेटिव मार्किंग के तहत गलत सवाल पर एक तिहाई अंक काटा जाएगा।
पेपर पैटर्न बदला, लंबे रहे सवाल
दूसरे पेपर में कुछ बदलाव किए गए थे। इंग्लिश लैंग्वेज कंप्रीहेंशन स्किल के 15 अंकों वाले 6 सवालों के जवाब न देने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद सिर्फ 74 सवाल हल करने थे। इस पेपर में डिसीजन मेकिंग के सवाल न आने के कारण भी छात्र हैरान नजर आए। कुछ ने सीसैट के विवाद को भी इस बदलाव का कारण बताया। पैसेज और कंप्रीहेंशन के दूसरे सेक्शन के सवाल लंबे होने के कारण ज्यादातर छात्र पूरा पेपर नहीं कर पाए।