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छात्रों की गिरफ्तारी का मामला गर्माया, पीयू में तनाव

Wed, 19 Mar 2014 08:30 PM IST
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़
सुमित सिंह श्यौराण/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 19 Mar 2014 08:30 PM IST
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Protest Against Fee Increament in Punjab University

पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में नौ छात्रों की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आज एसएफएस कार्यकर्ताओं ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और विभागों में जाकर चल रही कक्षाएं बंद करा दीं। सबसे पहले आर्ट्स ब्लॉक टू में कक्षाएं बंद कराईं गईं।

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कार्यकर्ताओं का कहना है कि कक्षाओं के बहिष्कार का यह अभियान जारी रहेगा। गौरतलब है कि बीते दिन दोपहर बाद एक महिला कांस्टेबल द्वारा एसएफएस के नौ विद्यार्थियों के खिलाफ बदसलूकी और छेड़छाड़ करने की शिकायत दर्ज कराई थी।
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शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सभी 9 स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया था। शिकायत में पुलिस कार्य में बाधा डालने जैसी धाराएं शामिल हैं। गिरफ्तार हुए 9 स्टूडेंट्स में एसएफएस प्रेसिडेंट अरीश, दमन, सचिनंद्रपाल पाली, साहिल, गुरप्रीत, धमेंद्र सिंह आदि शामिल हैं।
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ये हो रहा था
स्टूडेंट फॉर सोसाइटी (एसएफएस) के छात्र नेता और समर्थक फीस बढ़ोतरी के कुलपति दफ्तर के बाहर खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भूख हड़ताल पर बैठे स्टूडेंट और उनके समर्थकों पर जमकर लाठीचार्ज किया। कई छात्रों की पुलिस ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। यहीं नहीं छात्रों को पकड़कर जिप्सी के अंदर तक पीटा गया।

इस घटना में एक पुलिस कर्मचारी और कुछ छात्रों को चोटें आई हैं। इस बीच उग्र विद्यार्थियों ने पत्थरबाजी भी की। पीयू कैंपस में मामला इतना बिगड़ गया कि भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने को लेकर पुलिस स्टेशन के सामने देर रात तक छात्रा नारेबाजी करते रहे।

ये है पूरा मामला
पीयू में एसएफएस छात्र नेता 23 दिनों से पीयू द्वारा आगामी सत्र से प्रथम वर्ष की फीस में 10 से 20 फीसदी का विरोध कर रहे थे। वीसी दफ्तर के सामने एसएफएस नेता परविंदर सिंह 6 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे थे। अपनी मांगों को लेकर एसएफएस नेताओं ने बीते दिन कुलपति प्रो.अरुण कुमार ग्रोवर की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया।

कुछ छात्र गाड़ी के सामने ही लेट गए। पीयू प्रशासन ने इस पुलिस को बुला लिया और सभी छात्रों को गेट के सामने से हटाने के आदेश दिए। पुलिस ने विरोध में बैठे विद्यार्थियों को जबर्दस्त उठाने का प्रयास किया। इससे पुलिस और छात्रों के बीच हाथपाई हुई और मामला बिगड़ गया।

पीयू के विभागों को किया बंद
एसएफएस समर्थकों की पुलिस द्वारा बुरी तरह पिटाई के बाद पीयू के सभी साइंस विभागों को बंद करा दिया गया। 200 से अधिक विद्यार्थियों ने विभागों में जाकर नारेबाजी की। उधर कुछ समय के लिए पीयू स्टूडेंट सेंटर की दुकानों को भी विरोध में बंद किया गया।


देर शाम विद्यार्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर पीयू प्रशासन के अधिकारियों के हाथ पैर भी फूल गए। डीएसडब्ल्यू सहित कई अधिकारी थाने में एफआईआर रद्द कराने के लिए पहुंचे। लेकिन पुलिस अधिकारियों ने मामले में आरोपी विद्यार्थियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की बात कही। 100 के करीब समर्थक भी पुलिस स्टेशन में देर रात तक डटे रहे।

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