संवाद से बनती है रचनाओं की दुनिया
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साहित्य, भाषा और संवाद ऐसे जादुई शब्द हैं, जो रचनात्मकता का आधार बनते
इससे एक ऐसे संसार का द्वार खुलता है, जिससे रचनात्मक विश्व का निर्माण होता है।
यह बात मंगलवार को एमिटी यूनिवर्सिटी में सचिव यूपी सरकार आलोक कुमार ने कही। वह दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के समापन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
एमिटी
यूनिवर्सिटी के एमिटी स्कूल ऑफ लैंग्वेजेज और शेक्सपियर सोसाइटी ऑफ
ईर्स्टन इंडिया के तत्वावधान में आयोजित ‘लिट्रेचर, लैंग्वेज एण्ड
कम्यूनिकेशन, एन इसेंशल ट्राईडेंट’ विषय पर आयोजित किया गया था।
मुख्य
अतिथि आलोक कुमार ने कहा कि साहित्य, भाषा और संवाद से असाधारण कार्य कर
सकते हैं। सम्मेलन के दूसरे दिन कार्यशाला सहित नौ समूह चर्चा और 200 से भी
अधिक शोधपत्र प्रस्तुत किए गए।
शेख्सपियर
सोसाइटी ऑफ जापान की अध्यक्ष प्रो. एमी हमाना, प्रोफेसर ऑफ थिएटर
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया के प्रो. ब्रायन रेनाल्डस, रविंद्र भारती
विवि कोलकाता के प्रो. सुबीर धर ने भाषा, साहित्य व संवाद पर विमर्श किया।