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यूपीटीयू से अपनी खुन्नस निकालेंगे प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज

Mon, 22 Dec 2014 10:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 22 Dec 2014 10:30 AM IST
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private technical colleges plan to organise there own enterance exam.

यूपी में निजी इंजीनियरिंग कॉलेज अपना एंट्रेंस करवाकर सीटें भरने की तैयारी में हैं। टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ यूपी (यूपीटिफ) जल्द ही प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ मिलकर बैठक करेगा। जनवरी में फाउंडेशन से जुड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए विस्तृत शेड्यूल जारी करने की तैयारी है।

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यूपीटीयू का दावा है कि उसके साथ उप्र प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध 700 इंजीनियरिंग कॉलेजों में से करीब 250 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज जुड़े हैं। हम खुद अपने यहां दाखिला करवाने के लिए स्वतंत्र हैं। दूसरी ओर, यूपीटीयू का कहना है कि शासन के निर्देश पर हर वर्ष राज्य प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है।
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अधिक से अधिक कॉलेजों को काउंसलिंग में शामिल किया जाता है। एंट्रेंस में अधिक से अधिक स्टूडेंट शामिल हों और इंजीनियरिंग कॉलेज आपस में जुड़कर इमेज बिल्डिंग का काम करें तो ज्यादा बेहतर होगा।

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सुप्रीम कोर्ट ने दी है छूट

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टेक्निकल इंस्टीट्यूशंस फाउंडेशन ऑफ यूपी (यूपीटिफ) के जनरल सेक्रेट्री अतुल जैन कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने छूट दी है कि अपनी अलग प्रवेश परीक्षा करवाएं या राज्य सरकार व यूनिवर्सिटी की ओर से होने वाली राज्य प्रवेश परीक्षा (एसईई) में शामिल हों।

बीते सालों से हम एसईई में शामिल होने की अपनी सहमति देते आए हैं लेकिन इस बार अपनी अलग प्रवेश परीक्षा करवाने की तैयारी में हैं। इसके लिए शासन की नीति के अनुसार, एक स्वायत्त एजेंसी से ही प्रवेश परीक्षा करवाई जाएगी।

इसमें प्राइवेट इंस्टीट्यूशंस का कोई दखल नहीं रहेगा। कहा कि उनके साथ करीब 250 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज जुड़े हैं। दूसरी ओर, यूपीटीयू के कुलपति प्रो. आरके खांडल का कहना है कि फाउंडेशन को चाहिए कि वे इंजीनियरिंग कॉलेजों को एकजुट कर इमेज बिल्डिंग करें, उनकी कोशिश होनी चाहिए कि इंट्रेंस में अधिक से अधिक छात्र हिस्सा लें।

प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की दादागिरी तो नहीं

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जिस तरह से यूपीटिफ अपने इंजीनियरिंग कॉलेजों की एक अलग प्रवेश परीक्षा करवाने की बात कह रहा है, वह सीधे शासन को चुनौती देने सरीखा है।

दरअसल, यूपीटीयू में बीते सालों में कुछ चुनिंदा प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेज ही ऐसे हैं, जिन्हें आगे बढ़ाया गया। बीते दो सालों में यूपीटीयू ने सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को एक बराबर तवज्जो देकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। इसके परिणाम भी धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।

अब बड़ी संख्या में यहां भी दाखिले होने लगे हैं। ऐसे में कुछ चुनिंदा बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज जो अभी तक यूनिवर्सिटी को भी अपने आगे कुछ नहीं समझते थे उनकी जमीन हिलती नजर आ रही है। ऐसे में अब वह एकजुट होकर अलग झंडा बुलंद करने की तैयारी कर रहे हैं लेकिन इससे फाउंडेशन से ही जुड़े सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को फायदा होगा यह कहना कठिन है।

यूपीटीयू शासन के निर्देश पर हर साल राज्य प्रवेश परीक्षा करवाता है। अभी तक इसमें डोमिसाइल की व्यवस्था थी, यानी, यूपी के छात्रों को अधिक तरजीह दी जाती थी। अब इसे खत्म कर दिया गया है, अब पूरे देश से कहीं का भी स्टूडेंट एसईई के तहत आवेदन कर आराम से इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला पा सकता है।

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