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बुरी खबरः नए सत्र में सभी कक्षाओं की किताबें महंगी

Wed, 26 Mar 2014 11:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 26 Mar 2014 11:21 AM IST
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Private Schools, New Session, School Stationary, Books
इस साल शहर के प्राइवेट स्कूल के नए सत्र में सभी कक्षाओं की किताबों में दस से 15 फीसदी इजाफा हुआ है। बुक स्टोर में बेशक अभिभावकों को किताबें लेने के लिए अधिक इंतजार नहीं करना पड़ रहा है, लेकिन इस बार उनकी जेब पहले से अधिक ढीली हो रही है।
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अभिभावकों का मानना है कि पिछले साल की तुलना में किताबों की कीमत बढ़ी है। मंगलवार को शहर के तीन बुक स्टोर में अभिभावकों ने बच्चों संग जाकर किताबें खरीदी।
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हर सेट में कीमत बढ़ी है: विवेक
फैंसी बुक स्टोर सेक्टर-7 के मालिक विवेक ने बताया कि इस साल सभी कक्षाओं में पांच से दस फीसदी कीमत हर सेट में बढ़ी है। उन्होंने बताया कि किताबों की कीमत में हर साल इजाफा होता है, क्योंकि किताबों के सेट में नई किताबें जोड़ती है।
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सेक्टर-19 स्थित बुक स्टोर मालिक गौरव मनचंदा ने बताया कि सेट में पांच से दस फीसदी इजाफा हुआ है लेकिन कीमत में ज्यादा अंतर नहीं है। इस साल र्कई स्कूलों ने अपनी किताबों में सामान्य ज्ञान, नक्शे और ग्रामर आदि किताबों में इजाफा किया है।

किताबों की कीमत
पहली कक्षा: 1500 से 2200 रुपये  
दूसरी कक्षा: 1800 से 3300 रुपये
तीसरी कक्षा: 2000 से 4200 रुपये
चौथी कक्षा: 3000 से 4500 रुपये
पांचवीं कक्षा: 4000 से 5000 रुपये
छठीं कक्षा: 4000 रुपये 5500 रुपये
इन कक्षाओं से लेकर नौवीं और दसवीं कक्षा की किताबों की कीमत में बढ़ोतरी हुई है।

क्या कहा अभिभावकों ने
इस बार किताबों को खरीदने में इंतजार तो नहीं करना पड़ा है, लेकिन किताबों के रेट पिछले साल की तुलना में ज्यादा है।
- कमलेश, अभिभावक, मनीमाजरा निवासी

किताबों को खरीदने में ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा, लेकिन पिछले साल की तरह इस साल भी किताबों की कीमत बढ़ी है, जिन अभिभावकों के दो बच्चे है, उनके लिए इतनी महंगी किताबें खरीदना थोड़ा मुश्किल है।

- कविता, अभिभावक

महंगाई की मार से अभिभावक परेशान है, पर किताबें तो खरीदनी जरूरी है। इस बार फिर किताबों की कीमतें बढ़ी है। अभिभावकों को दो बच्चों को एक साथ पढ़ाना मुश्किल हो गया है, अभी तो एडमिशन फीस देना बाकी है।
राकेश गुप्ता, अभिभावक
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