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दून के स्कूल इस तरह काट रहे हैं आपकी जेब

Tue, 15 Oct 2013 10:10 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 15 Oct 2013 10:10 AM IST
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private school want only money

एजूकेशन हब के रूप में प्रसिद्घ देहरादून के निजी स्कूल छोटी-छोटी मदों में अभिभावकों से मोटी वसूली कर रहे हैं।

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अमर उजाला हेल्पलाइन पर आए तमाम फोन कॉल्स में स्कूलों की पोल खुलकर सामने आई है। कभी लेट फीस के नाम पर तो कभी करियर काउंसिलिंग के नाम पर अभिभावकों की जेब काट ली जाती है।

रसीद में फाइन का उल्लेख नहीं

एक अभिभावक ने बताया कि सनवैली स्कूल में फीस जमा करने में देरी होने पर 50 रुपए विलंब शुल्क वसूल किया जाता है। उन्होंने विलंब शुल्क के साथ फीस जमा कराई तो रसीद में 50 रुपए का उल्लेख नहीं था।
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पूछने पर बताया कि यह फाइन की रकम है जो कि रिकॉर्ड में दर्ज नहीं की जाती। एक अन्य अभिभावक ने बताया कि एशियन स्कूल में नवीं कक्षा के बच्चों से कॅरियर काउंसिलिंग के नाम पर 500-500 रुपए वसूल किए जाते हैं।
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इसी प्रकार आईकार्ड के लिए भी 150 रुपए लिए जाते हैं।

बच्चों के पास होने की उम्मीद
माइनॉरिटी स्कूल की आड़ लेकर बच्चों को फेल करने वाले कारमन और सेंट थॉमस कॉलेज पर शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। दोनों स्कूलों को आठवीं तक के सभी बच्चों को अगली कक्षा में प्रमोट करने का निर्देश दिया गया है।

आरटीई प्रभारी तृप्ता शर्मा ने बताया कि नए संशोधन के मुताबिक दोनों स्कूलों को आरटीई का पालन करना होगा।

दोनों स्कूलों ने इस मामले में उच्च न्यायालय से दस सप्ताह का स्टे ले लिया था, जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी है।
सेंट थॉमस स्कूल ने आठवीं तक के पांच और कारमन स्कूल ने 19 बच्चों को फेल किया था।

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