ITI: स्टूडेंट्स से नहीं वसूल सकेंगे मनमानी फीस
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निजी आईटीआई संचालक अब स्टूडेंट्स से फीस लेने में मनमानी नहीं कर सकेंगे। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग के साथ निजी आईटीआई संचालकों की बैठक में अधिकतम फीस पर सहमति बन गई है। निजी आईटीआई स्टूडेंट्स से अब अधिकतम 16,500 रुपये फीस ही ले सकेंगे।
अभी तक प्रदेश में निजी आईटीआई के लिए कोई फीस निर्धारित नहीं थी। ऐसे में निजी आईटीआई हर स्टूडेंट्स से मोलभाव करके अपने-अपने हिसाब से फीस लेती थीं।
भारत सरकार ने निजी आईटीआई के लिए अधिकतम फीस निर्धारित करने के निर्देश जारी किए हैं। अधिकतम फीस निर्धारित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों को सौंपी है। प्रशिक्षण एवं सेवायोजन विभाग के निदेशक राजेंद्र प्रसाद ने अधिकतम फीस निर्धारण के लिए निजी आईटीआई के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी।
जल्द ही जारी होंगे इसके आदेश
बैठक में ग्रामीण क्षेत्र की आईटीआई में नॉन इंजीनियरिंग कोर्स की फीस 12 हजार रुपये वार्षिक और इंजीनियरिंग कोर्सेज की फीस 15 हजार रुपये वार्षिक तय करने पर सहमति बनी। इसी तरह शहरी क्षेत्र की आईटीआई में नॉन इंजीनियरिंग कोर्स की फीस 13,200 रुपये और इंजीनियरिंग कोर्स की फीस 16,500 रुपये वार्षिक तय करने पर सहमति बन गई है। जल्द ही इस संबंध में आदेश जारी कर दिया जाएगा।
आईटीआई में अधिकतम फीस वसूली पर भले ही निजी आईटीआई ने सहमति जता दी हो लेकिन मेरिट से दाखिले करने पर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है। डीजीईटी ने आईटीआई में प्रवेश परीक्षा के बजाय हाईस्कूल की मेरिट के आधार पर दाखिले की बात कही है।
प्रवेश प्रक्रिया में निजी आईटीआई को शामिल करने की बात कही गई है। बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया था। निजी आईटीआई प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से सरकार के हाथ में देने के पक्ष में नहीं थे। निजी आईटीआई के प्रतिनिधि 40 से 60 प्रतिशत सीटों पर दाखिले अपनी मर्जी करने की मांग कर रहे थे। ऐसे में निजी आईटीआई की प्रवेश प्रक्रिया पर कोई सहमति नहीं बन सकी।