फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Principal and teacher get National Award

प्रिंसिपल और शिक्षक को नेशनल अवार्ड

Wed, 27 Nov 2013 09:29 AM IST
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 27 Nov 2013 09:29 AM IST
विज्ञापन
Principal and teacher get National Award
टॉप नवोदय विद्यालय में शुमार सेक्टर-25 स्थित नवोदय विद्यालय की प्रिंसिपल संतोष शर्मा और हिंदी शिक्षक राजेश कुमार को नवोदय समिति के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नवोदय प्रोत्साहन पुरस्कार-2012 से नवाजा गया है।
विज्ञापन


संतोष शर्मा देश भर के 560 नवोदय विद्यालयों के प्रिंसिपल में यह पुरस्कार पाने वाली एकमात्र महिला हैं। देश भर से सिर्फ दो प्रिंसिपल (एक कर्नाटक) को यह सम्मान मिला है।
विज्ञापन


यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद में 22 और 23 नवंबर को आयोजित नवोदय राष्ट्रीय एकता समागम-2013 में दोनों को यह सम्मान मिला।

शिक्षक कैटेगरी में राजेश कुमार देशभर से चुने गए 10 शिक्षकों में शामिल हैं। नवोदय समिति कमीश्नर जीएस बोथयाल ने यह सम्मान दिया।

मानव संसाधन मंत्री पल्लम राजू ने भी कार्यक्रम में शिरकत की थी। पुरस्कार के तहत दोनों को 10 हजार रुपये, प्रशंसा पत्र और शॉल दिया गया।

24 साल से बच्चों को समर्पित हैं संतोष शर्मा  
1989 में नवोदय विद्यालय कश्मीर से कैरियर शुरू करने वाली संतोष शर्मा ज्योग्राफी की लेक्चरर हैं।

24 सालों से अपना जीवन स्कूली बच्चों को सही राह दिखाने के लिए समर्पित किया है।

पंचकूला स्थित नवोदय विद्यालय में 11 साल तक प्रिंसिपल रही संतोष शर्मा ने पांच सालों तक 100 फीसदी रिजल्ट के अलावा पंचूकला में कई सामाजिक मुद्दों को लेकर जागरूकता अभियान चलाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पंचकूला शिक्षा विभाग के अलावा कई संस्थानों ने इनकी सराहनीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया है। बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में जन्मी संतोष के प्रयासों से नवोदय स्कूल को इंटरनेशनल स्कूल अवार्ड 2012-15 से नवाजा जा चुका है।

शिक्षा क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए मुंबई में भी संतोष शर्मा को सम्मान मिल चुका है। नवोदय स्कूल-25 को देश का पहला स्मार्ट स्कूल बनाने का श्रेय भी इन्हें जाता है।

वे अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता रिटायर्ड कर्नल जगदीश चंद शर्मा और अपने परिवार को देती हैं।
 
शिक्षक राजेश ने पिता की सीख से हासिल किया मुकाम
पिता ने हमेशा कड़ी मेहनत और ईमानदारी से मुकाम हासिल करने की शिक्षा दी। उन्हीं के मार्ग दर्शन ने यह सम्मानित दिलाया है।

नवोदय विद्यालय-25 में हिंदी के शिक्षक राजेश कुमार को नवोदय समिति राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार-2012 से नवाजा गया है।

राष्ट्रीय स्तर का अवार्ड पाने वाले राजेश कुमार ने अमर उजाला से अपनी जिंदगी के अनुभवों को सांझा किया।
हरियाणा के यमुनानगर जिले के अहड़वाला कपाल मोचन गांव में जन्मे राजेश कुमार के पिता फौज में ड्राइवर थे।

अनुशासन के पाठ को फोलो करते हुए राजेश ने टीचिंग प्रोफेशन चुना। पिता गजे सिंह ने हमेशा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमए इकोनॉमिक्स और एमएड करने के बाद इन्होंने 1997 में नवोदय विद्यालय मुक्तसर में टीचिंग ज्वाइन किया।

हिंदी के अलावा राजेश कुमार सीनियर कक्षाओं को इकोनॉमिक्स भी पढ़ाते हैं। हिंदी को प्रमोट करने के लिए स्कूल और कई विभागों में वर्कशॉप का संचालन कर चुके हैं।


गवर्नमेंट हाई स्कूल कैंबवाला में इन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत बच्चों को हिंदी पढ़ाई और स्कूल का रिजल्ट 36 फीसदी से बढ़कर 85 फीसदी हो गया।

स्कूल के विभिन्न सोशल क्लब के अलावा इन्होंने कई प्रोजेक्ट को भी अमली जामा पहनाया है। सराहनीय सेवाओं के राजेश कुमार को 10 बार एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed