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मॉडल कॉमर्स कॉलेज का तोहफा जल्द

Mon, 23 Mar 2015 01:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Mon, 23 Mar 2015 01:04 PM IST
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Present models soon Commerce College

गुड़गांव के छात्रों को साइंस और कॉमर्स की पढ़ाई के लिए दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के तर्ज पर छात्रों को यहीं इन विषयों की शिक्षा मिल पाएगी। इस सत्र में छात्रों को सेक्टर-51 में राव तुला राम मॉडल गवर्नमेंट कॉलेज ऑफ कॉमर्स एंड साइंस का तोहफा मिलेगा।  यह दक्षिण हरियाणा का होगा पहला मॉडल कॉलेज होगा।

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दरअसल, अभी तक कॉमर्स और साइंस की बेहतर पढ़ाई के लिए छात्रों को दिल्ली के कॉलेजों का रुख करना पड़ता था। इसी को देखते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग ने इस कॉलेज को दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स की तर्ज पर तैयार किया है। सेक्टर-51 में समसपुर गांव स्थित इस मॉडल कॉलेज का निर्माण हो चुका है। अब इसके फिनिशिंग का काम चल रहा है। 9.6 एकड़ जमीन में से करीब 22 हजार वर्ग मीटर जमीन पर बेसमेंट सहित चार मंजिला इमारत तैयार की गई है। इसमें क्लास रूम, लैब समेत 80 कमरे हैं। मेन बिल्डिंग के अलावा ब्वॉयज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल और ऑडिटोरियम तैयार किया गया है। कॉलेज परिसर में ही प्रिंसिपल और दो हॉस्टल वॉर्डन का रिहायश बना है।  बता दें कि साल 2011 में सेक्टर-14 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज के दीक्षांत समारोह में इसकी घोषणा हुई थी।
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18 महीने से लगा अधिक समय
हुडा (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) ने जुलाई 2013 को निर्माण का टेंडर दिया था। अक्तूबर 2013 में कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हुआ। 18 महीने में कॉलेज को तैयार करना था। फरवरी 2015 में इसे पूरा मुकम्मल करना था, लेकिन थोड़ी देरी की वजह से पूरा फिनिशिंग नहीं हो पाया। हुडा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पूरा निर्माण हो चुका है, जुलाई तक आखिरी फिनिश देकर शिक्षा विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
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मेरिट के आधार पर होगा दाखिला
शिक्षा विभाग के मुताबिक दाखिला के लिए ऑनलाइन एडमिशन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस सत्र में छात्रों को मेरिट के आधार पर दाखिला दिया जाएगा। शुरुआत में कुछ कमरों में बीकॉम और बीएससी के कोर्स 120-120 सीटें से शुरू होंगे। इसके लिए विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों को ट्रांसफर कर उन्हें यहां नियुक्त किए जाने की योजना है। सेक्टर-14 कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल डॉ. अशोक दिवाकर कहते हैं कि कॉलेज के शुरुआत होने से दूसरे कॉलेज का बोझ भी कम होगा। छात्रों को फायदा मिलेगा।


अभी है शहर में पांच कॉलेज
शहर में अभी पांच कॉलेज है। इनमें सबसे पुराना सेक्टर-14 स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स कॉलेज है। 1959 में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इसकी स्थापना की थी। अभी करीब 3000 सीटें है। 1951 में स्थापित द्रोणाचार्य कॉलेज में अभी 2200 से अधिक सीटें है। 2003 में स्थापित सेक्टर-9 स्थित राजकीय स्नातकोत्तर कॉलेज में 1380 सीटें है। 1981 में स्थापित राजकीय कॉलेज सिद्धरावली और 1971 में स्थापित राजकीय कॉलेज जटौली में 300-300 सीटें हैं।

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