{"_id":"cdd4a3bb76ffa25b7e779ffe3153e58a","slug":"preparation-for-cheating-in-up-board-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"सगा भाई बना केंद्र व्यवस्थापक, फिर काहे का डर","category":{"title":"Campus Archives","title_hn":"कैंपस आर्काइव","slug":"campus-archives"}}
सगा भाई बना केंद्र व्यवस्थापक, फिर काहे का डर
सचिन त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Sat, 01 Mar 2014 09:37 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
परीक्षा केंद्र पर जब प्रधानाचार्य के सगे भाई तैनात हों तो चिंता किस बात की। नगराम के राजनारायण जायसवाल इंटर कॉलेज के स्टूडेंट्स का सेंटर चौधरी प्यारेलाल पब्लिक इंटर कॉलेज में हैं।
विज्ञापन
इस विद्यालय के अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की कमान हरगोविंद मिश्र के हाथों में दी गई है, जो राजनारायण जायसवाल इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल जीपी मिश्र के सगे भाई हैं। इस बात की शिकायत जिला अधिकारी से की गई है।
विज्ञापन
बोर्ड परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए हमेशा सगे-संबंधियों को परीक्षा केंद्र संबंधी जिम्मेदारी देने से बचा जाता है लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया है।
विज्ञापन
नगराम के राजनारायण जायसवाल इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं का परीक्षा केंद्र नगराम के लक्ष्मणपुर स्थित चौधरी प्यारेलाल पब्लिक इंटर कॉलेज बनाया गया है।
जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से जारी आदेश में राजनारायण इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जीपी मिश्र के सगे भाई और नवजीवन इंटर कालेज मोहनलालगंज के शिक्षक हरगोविंद मिश्र को इसी कॉलेज का अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक बना दिया गया।
जबकि कॉलेज में एक दर्जन से अधिक अन्य वरिष्ठ शिक्षक भी मौजूद हैं। हर गोविंद मिश्र ने खुद ही जिला विद्यालय निरीक्षक और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक की नियुक्ति का आदेश निरस्त करने की गुहार लगाई है।
इसी तरह नवजीवन इंटर कॉलेज के शिक्षक संतोश कुमार ने भी करीब 35 किलोमीटर दूर नगराम के अनैया स्थित पंचशील शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज का अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक नियुक्त करने को रद्द करने की मांग की है।
यूपी बोर्ड परीक्षा की केंद्र नीति में इस बार दूरी संबंधी मानकों को दरकिनार कर दिया गया है। आलम यह है कि छात्राओं को भी 18 से 20 किलोमीटर दूर परीक्षा देने जाना पड़ेगा।
बोर्ड ने शिफ्टिंग सूची काफी देर से जारी की है इसलिए कॉलेजों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका भी नहीं मिल पाया। अब परेशान अभिभावकों ने जिला अधिकारी को पत्र लिखकर छात्राओं का सेंटर बदलने के लिए पत्र लिखा है।
मोहनलालगंज के कुशली खेड़ा स्थित एससीएस हायर सेकेंडरी की छात्राओं के लिए बोर्ड परीक्षा केंद्र पर पहुंचना किसी इम्तहान से कम नहीं होगा।
छात्राओं का सेंटर करीब 18 किलोमीटर दूर अचली खेड़ा स्थित जय दुर्गे मां बाल गोविंद इंटर कॉलेज में बनाया गया है। विद्यालय तक पहुंचने के लिए साधन की व्यवस्था नहीं है।
इतना ही नही बोर्ड ने अपनी गलती छुपाने के लिए उनके प्रवेश पत्र में परीक्षा केंद्र का सही पता तक नही लिखा हैं। प्रवेश पत्र मिलने के बाद जब अभिभावकों ने परीक्षा केंद्र तलाशा तो गलत पता होने के कारण काफी मुसीबतें झेलनी पड़ीं।
जैसे-तैसे केंद्र का पता भी चला तो सुदूर गांव में बनाए गए इस परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए साधन न होने की जानकारी मिलने पर अभिभावकों के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
अब परेशान अभिभावकों ने जिलाधिकारी राजशेखर को पत्र भेजकर कार्रवाही की मांग की है। इसी केंद्र पर आदर्श चंद्रा इंटर कॉलेज को भी परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इसकी दूरी भी करीब 20 किलोमीटर है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से जारी केंद्र नीति में इस बार कॉलेज से परीक्षा केंद्र की दूरी के बारे में कोई निर्देश नहीं दिया गया है। नतीजा यह है कि केंद्र निर्धारण के समय कॉलेज से परीक्षा केंद्र की दूरी को ध्यान में नहीं रखा गया है।
प्रवेश पत्र में रोल नंबर और नाम पता गलत लिखने की दिक्कतें शुक्रवार को भी काफी आईं। जवाहर लाल नेहरू इंटर कॉलेज बहरौली में अमित कुमार का रोल नंबर नहीं आया है।
बोर्ड ने सत्र के शुरुआत में जारी की चेक लिस्ट में अमित कुमार का नाम शामिल किया था। इसी तरह शिशु मंदिर इंटर कॉलेज में परीक्षा केंद्र बनाए जाने के बावजूद यहां की एक छात्रा अनुपमा का सेंटर अर्जुनगंज विद्या मंदिर में बना दिया गया है।
दोनों विद्यालयों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में अपनी शिकायत दर्ज कराई है।