प्राइवेट स्कूलों में दाखिले पर हाईकोर्ट का फरमान
हरियाणा के निजी स्कूलों में बीपीएल और निर्धन परिवारों के बच्चों को दस फीसदी सीटों पर दाखिला दिए जाने का रास्ता साफ हो गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस सतीश कुमार मित्तल ने हरियाणा के निजी स्कूलों केप्रबंधकों की पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी है।
प्रदेश सरकार की ओर से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के नियम 134-ए के तहत गरीब बच्चों को 10 फीसदी सीटों पर दाखिला देने का निर्देश जारी किया था, लेकिन किसी भी निजी स्कूल ने इस पर अमल नहीं किया। निजी स्कूलों की ओर से इस फैसले को अदालत में चुनौती दी गई थी।
यहां तक कि अदालत से भी राहत न मिलने पर निजी स्कूलों ने गरीब बच्चों को दाखिला नहीं दिया। इस संबंध में बीते पांच साल से हाईकोर्ट में केस लड़ने वाले दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह हुड्डा ने बताया कि पांच साल के दौरान हाईकोर्ट ने नियम 134-ए को लागू कराने के लिए लगभग 18 आर्डर पास किए थे। अब पुनर्विचार याचिका खारिज होने केबाद निजी स्कूलों के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा बंद हो गया है।
गरीब बच्चे ऐसे कर सकते हैं आवेदन
सत्यवीर सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश में नियम 134-ए के तहत दाखिले सिर्फ एक से 20 अप्रैल तक ही खुले हैं। इसके लिए नियम 134-ए का फार्म वेबसाइट www.schooleducationharyana.gov.in से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा दो जमा पांच मुद्दे आंदोलन के कार्यकर्ता भी लोगों को यह फार्म उपलब्ध करा रहे हैं।
फार्म के साथ जन्म प्रमाण पत्र, आवास प्रमाण पत्र के लिए आधार या राशन कार्ड और तहसीलदार की ओर से जारी आय प्रमाण पत्र लगाना होगा। जिन बच्चों के मां-बाप की सालाना आमदनी दो लाख रुपये तक है, ऐसे सभी जातिवर्ग के लोग अपने बच्चों को प्रदेश के किसी भी निजी स्कूल में नियम 134-ए के तहत दाखिला दिला सकते हैं।
बीपीएल कार्ड धारक अभिभावकों के बच्चों के लिए मुफ्त दाखिले का प्रावधान है। बताया कि फार्म भर कर हर जिले के ब्लॉक शिक्षा अधिकारी या खंड शिक्षा अधिकारी के पास जमा करवाना होगा।